नवादा के रजौली प्रखंड मुख्यालय में बिना निबंधन के 1 दर्जन से अधिक कोचिंग संचालित हो रही है। राज्य सरकार के आदेश के बाद जिले के डीएम उदिति सिंह के निर्देश पर एसडीओ आदित्य कुमार पीयूष ने पत्र जारी कर बिना निबंधन के संचालित हो रहे कोचिंग संचालकों को जल्द से जल्द निबंधन के लिए आवेदन करने को लेकर कहा था।

लेकिन एसडीओ के आदेश जारी किए हुए महीने बीतने वाला है। लेकिन अभी तक एक भी कोचिंग संचालक के द्वारा निबंधन के लिए आवेदन नहीं दिया गया है।

जिससे यह साबित होता है कि रजौली सहित आसपास के मुख्य मार्केट में चल रहे। दर्जनों की संख्या में कोचिंग संस्थान के संचालक डीएम और एसडीओ के द्वारा जारी किए गए आदेश को कूड़ेदान में फेंक दिए हैं।

बताते चलें कि एसडीओ के द्वारा कोचिंग संस्थान के निबंधन के लिए अनुमंडल के सभी बीडीओ को पत्र जारी किया गया था। पत्र मिलने के बाद सभी बीडीओ ने अपने अपने क्षेत्र में संचालित कोचिंग संस्थान में जाकर उन्हें निबंधन कराने के लिए आवेदन करने को कहा था। उसके बाद भी कोचिंग संचालक का निबंधन के लिए आवेदन नहीं करना यह काफी गंभीर बात है।

बताते चलें कि अग्नीपथ योजना लागू होने के बाद पूरे बिहार में सैकड़ों की संख्या में छात्र सड़क पर उतर कर काफी उपद्रव मचाए थे। जिसके बाद राज्य सरकार ने कोचिंग संचालक पर नकेल कसने को लेकर कोचिंग का निबंधन करवाना अनिवार्य कर दिया था।


