भागलपुर। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला का आगाज 14 जुलाई को भागलपुर जिले के सुल्तानगंज उत्तरवाहिनी गंगा घाट से की जाएगी जिसको लेकर सुल्तानगंज में कांवरियों का जथा आना शुरू हो गया है । वही भागलपुर जिला प्रशासन अजगैबीनाथ धाम नगरी सुल्तानगंज से लेकर कांवरिया पथ को सवांरने में जुटी हुई है और इलाका गेरुवा वस्त्र से रंग से रंग गए और कांवरियों की व्यवस्था में जुट गई।
वहीं दूसरी ओर अजगैबीनाथ धामके कांवरियों को अंग की धरती भागलपुर की संस्कृति से रुबरु करवाने की भी पहल की गई है जिसको लेकर सुल्तानगंज ले सीढ़ी घाट स्थित कार्यक्रम मंच के फ्रंट दीवार पर अंग संस्कृति भागलपुर कि धरोहर के बारे के मंजूषा पेंटिंग के माध्यम से अंग की धरती भागलपुर की कला के बारे में समझाने की पहल की गई।
वहीं मंजूषा पेंटिंग कलाकार सुभाष कुमार ने बताया कि 2015 से श्रावणी मेला कर अवसर पर सीढ़ी घाट पर मंजूषा पेंटिंग करके कांवरिया को भागलपुर की लोककला है जिसमे कहानी को क्रमिक एवं शृंखलाबद्ध रूप से चित्रित को गया है।
मंजूषा पेंटिग का मतलब तीन रंगों से प्रतीक है जो प्रेम समृद्धि और विकास है जो दूरदराज से आने वाले कांवरियों को भागलपुर की लोककला से रूबरू करवाने की प्रयास है जो करीब सात साल से किया जा रहा है। औऱ मंजूषा पेंटिंग से सीढ़ी घाट के दीवारों पर भोलेनाथ की पेंटिंग बनाकर श्रावणी मेला में आकर्षण का केंद्र बनाया गया है।

