सीवान : कहते हैं कश्तियाँ सब की किनारे पे पहुँच जाती हैं नाख़ुदा जिन का नहीं उन का ख़ुदा होता है। इन्हीं शब्दों को चरितार्थ कर सीवान के युवा मानव समाज के लिए प्रेरणा बने हुए है। बता दें कि सीवान में आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक गरीब परिवार की बेटी का रिश्ता टूट गया था। जिसके बाद सीवान के युवाओं ने चंदा इकट्ठा कर गरीब बेटी की शादी करा कर मिसाल पेश की है। इतना ही नहीं सीवान की बेटी की विदाई के दौरान हर एक ग्रामीण की आंखें नम दिखीं।

दरअसल कानपुर के एक लड़के से सीवान की लड़की की शादी थी,लेकिन पैसों के अभाव में उसकी शादी नहीं हो पा रही थी। मामला सोमवार का है। लड़की के परिवार वाले शादी के लिए काफी चिंतित थे। लेकिन यह बात जैसे ही युवाओं की टोली को लगी। उन्होंने शादी कराने का जिम्मा उठा लिया।

युवाओं ने इस परिवार के लिए चंदा इकट्ठा करना शुरू कर दी। पूरे शहर में चंदा इकट्ठा कर खुद से शादी के लिए लड़की के लिए गहना, बर्तन समेत अन्य सभी सामानों की खरीदारी की और उस गरीब परिवार को समान सौंप दिया।

सीवान की जगह बनारस में हुई शादी
सब कुछ होने के बाद अचानक लड़के पक्ष के तरफ से सीवान में युवती से शादी करने से मना कर दिया गया। लड़के पक्षों के द्वारा बनारस में शादी करने की बात कही गई। इसके बाद गरीब परिवार एक बार फिर परेशानी में डूब गया।

फिर भी युवाओं की टोली ने हिम्मत नही हारी और उस गरीब परिवार के साथ 6 सदस्यों को बनारस भेज दिया। जहां बिना किसी समस्या के गरीब परिवार की लड़की की शादी हिंदू रीति रिवाज के साथ हो गई।जिसके बाद लड़की की मां ने युवाओं का धन्यवाद जताया है।

वहीं इनके कामों की खूब चर्चा हो रही है। इतना ही नहीं सीवान के इन युवाओं ने संकल्प लिया है कि गरीबी के कारण लड़कियां बिन ब्याही नहीं रहेगी,क्योंकि गरीबी कोई अभिशाप नहीं है।

