मुजफ्फरपुर जिले के सकरा थाना की पुलिस के हत्थे चढ़े लूटपाट करने वाले गिरोह के शातिरों से पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं। ये लुटेरे अपराध कर रुपये कमाने में इतने अंधे हो गए थे कि अपने गांव के रिश्ते में लगने वाले चाचा को भी नहीं छोड़ा। इसी महीने CSP संचालक ललितेश सिंह से सकरा के सरमस्तपुर में पिस्टल के बल पर मोबाइल और कैश लूट लिया था।

पीड़ित इन लुटेरों के ग्रामीण हैं और रिश्ते में चाचा भी लगते है। ये बात इन लुटेरों का पता था। लेकिन, अपराध में अंधे हो चुके लुटेरों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा। लूटपाट के बाद वहां से भाग निकले। जब पुलिस ने पूछताछ की तो उक्त घटना को भी स्वीकार कर लिया। इसके अलावा भी इनलोगों ने पपरी और सिमरी गांव में दिनदहाड़े राहगीरों से कई बार मोबाइल और पैसा लूट लिया था।

लालच में आकर करने लगा अपराध
बलिगांव थाना के अग्रैल गांव का रहने वाला रवि और सुंदरम चचेरे भाई हैं। रवि BCA की पढ़ाई कर रहा है। उसे मंहगे मोबाइल और ब्रांडेड कपड़े पहनने का शौक था। इसी दौरान उसकी मुलाकात गांव के किराना व्यवसायी नंदकिशोर साह के बेटे नितेश से हुई।

नितेश पहले से ही लूटपाट कर रहा था। वह कई बार जेल भी जा चुका है। उसने दोनों चचेरे भाइयों को अपने गिरोह में शामिल कर लिया। एक के बाद एक कई घटनाओं को अंजाम दे डाला।

बैंक लुटेरे की तलाश
पुलिस पूछताछ में पता लगा कि गिरोह में एक बैंक लुटेरा राजीव दास भी शामिल है, जा इसी महीने जेल से जमानत पर छूटकर बाहर निकला है। वह हाजीपुर में हुए HDFC बैंक लूटकांड में आरोपी था।

उसी मामले में जेल गया था । इस गिरोह का सरगना नितेश हैं। उसने अपने गिरोह में करीब एक दर्जन नए लड़कों को शामिल कर रखा है। नौ लुटेरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जबकि राजीव समेत तीन फरार हैं।

