बाबा गरीबनाथ का महाशृंगार और आरती:प्रत्येक सोमवारी को अलग-अलग वस्तुओं से किया जाता है भव्य शृंगार

सावन महीने की सोमवारी को बाबा गरीबनाथ के शृंगार का विशेष महत्व है। पहली सोमवारी को भी बाबा का भव्य शृंगार किया गया। उन्हें कई प्रकार की फूलों से सजाकर महाशृंगार किया गया। इस अलौकिक दृश्य को देखने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। इससे पूर्व बाबा गरीबनाथ की आरती की गई।

प्रत्येक सोमवारी को अलग-अलग वस्तुओं से किया जाता है भव्य शृंगार, अलौकिक दृश्य देखने उमड़ते हैं हजारों श्रद्धालु | Every Monday, a grand make-up is done with ...

इसमें प्रधान पुजारी पंडित विनय पाठक, महंत अभिषेक पाठक समेत अन्य पुजारी शामिल हुए। बाबा का भव्य शृंगार देखकर भक्त झूमने गाने लगे। पंडित विनय पाठक ने बताया कि प्रत्येक सोमवारी को बाबा को अलग-अलग वस्तुओं से शृंगार किया जाता है।

अमरनाथ का दिया जाता स्वरूप

उन्होंने बताया कि पहली सोमवारी को फूल, दूसरी को चावल, तीसरी को फल और चौथी सोमवारी को पान के पत्ते से शृंगार किया जाता है। इसके बाद पूर्णिमा को बर्फ से शृंगार कर पवित्र अमरनाथ का रूप दिया जाता है। उन्होंने कहा कि बाबा को दूल्हे की तरह सजाने की यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। इस शृंगार में शामिल होकर भक्त जो भी मनोकामना मन से मांगते हैं। वह पूर्ण होती है।

कलकत्ता से मंगाए गए थे फूल

महंत अभिषेक पाठक ने बताया कि कलकत्ता से फूल मंगाए गए थे। इनमें कमल, अपराजिता, बेला, गेंदा और अकौन समेत अन्य फूल हैं। बीच में पान के पत्ते की भी माला बनाकर पहनाया गया था। बाबा के शृंगार के बाद हर हर महादेव के नारे से बाबा नगरी गूंज उठी। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के कारण दो वर्षों तक भक्तों के लिए बाबा का पट बंद था। इस बार कांवरियों के लिए बाबा दरबार खुला हुआ है। इससे भक्तों में खुशी की लहर है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading