पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल (SKM) में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) का एक बड़ा मजहबी सम्मेलन होने वाला था। बड़े जोर-शोर से इसकी तैयारी चल रही थी। इस बड़े आयोजन में शामिल होने के लिए 5 राज्यों से करीब एक हजार से भी अधिक लोग पटना आने वाले थे। PFI का यह बड़ा आयोजन आज से चौथे दिन, मतलब 24 जुलाई को ही होना था। सूत्रों के अनुसार यह बात पटना पुलिस की जांच में सामने आई है। वो भी तब, जब देश वि’रोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में अतहर परवेज और अरमान मलिक को पकड़ा गया और पूछताछ के लिए उन्हें 48 घंटे की रिमांड पर लिया गया।
सूत्रों का दावा है कि SKM में PFI के बैनर तले धार्मिक आयोजन के नाम सम्मेलन में शामिल होने वाले लोगों को कई प्रकार की खास ट्रेनिंग दी जाती। इसमें बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल से लोग आने वाले थे। रिमांड के दौरान अतहर और अरमान ने जांच एजेंसियों के सामने इस बात का खुलासा किया है कि सम्मेलन में शामिल होने के लिए लोगों के पास कॉल भी जाना शुरू हो गया था। इसमें ट्रेनिंग देने वाले और ट्रेनिंग लेने वाले, दोनों ही तरह के लोग शामिल होने के लिए आने वाले थे। मगर, उसके पहले ही पुलिस की कार्रवाई हो गई।
अब तक की जांच में पता चला है कि PFI को देश के अंदर और दूसरे देशों से रुपयों की फंडिंग की जाती है। सूत्रों के अनुसार पड़ताल में दोहा की संस्था ‘रास लाफेल’ के बारे में पता चला है। जो कई बार PFI को उसके अभियान के लिए रुपयों की फंडिंग कर चुकी है। ये संस्था टैलेंट सर्च के नाम पर पैन इंडिया मूवमेंट चलाती है, जिसमें मुस्लिम युवाओं को अधिक से अधिक जोड़ने का टारगेट है। केएम आरिफ और अब्दुल अजिम समेत करीब 12 लोग इसके सदस्य हैं।
PFI के फंडिंग को लेकर अब ED ने भी के’स दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया रहा है कि 90 लाख रुपए इनके अकाउंट में आया कहां से था? इसका फंड को कौन लोग हैंडिल कर रहे थे? फंड आता कहां-कहां से है?

