पटना से गिरफ्तार मधुबनी के फर्जी डीएसपी विजय कुमार के झूठ की दुनिया बड़ी थी। विजय कुमार देर रात पुलिस सायरन बजाते हुए अपने गांव जरौली पहुंचा था, ताकि पूरे गांव को पता चल सके की वो डीएसपी बन गया है। इतना ही नहीं घरवालों ने डीएसपी बनने की खुशी में विजय कुमार भारती का भव्य स्वागत भी किया था।

मधुबनी के अंधरामठ थाना क्षेत्र के जरौली गांव के निवासी डॉ. बिंदेश्वर मंडल के बेटे विजय मंडल की झूठ की पोल उनके गांव के लोगों ने खोल दी। ग्रामीणों का कहना है कि पूरा परिवार ही असामाजिक प्रवृत्ति का है। विजय बचपन से ही पढ़ाई में कमजोर था।

देर रात सायरन बजाते गांव में घुसा था
बुधवार को पटना से फर्जी डीएसपी विजय कुमार की गिरफ्तारी के बाद आला अधिकारी की गहन पूछताछ के बाद कई अहम खुलासे हुए। विजय कुमार भारती के डीएसपी बनने की जानकारी गांव वालों को जनवरी 2021 में हुई जब वो रात में पुलिस सायरन बजाकर अपने गांव जरौली आए। इसके बाद घरवालों ने डीएसपी बनने की खुशी में विजय कुमार भारती का भव्य स्वागत किया। वहीं ग्रामीणों ने कहा कि हम लोगों को विश्वास नहीं हुआ कि विजय डीएसपी बन गया क्योंकि विजय पढ़ाई में बहुत ही कमजोर था।

एकबार में 10वीं भी पास नहीं कर पाया था
वो मैट्रिक परीक्षा भी एक बार में पास नहीं कर पाया था। ग्रामीणों ने बताया कि विजय का परिवार हमेशा से ही विवादों में रहा है। विजय के पिता बिंदेश्वर मंडल PG कर स्कूल में शिक्षक थे। वो जमीन विवाद में एक शख्स के मर्डर केस में आरोपी है और बीते 3 महीने से जेल में बंद है। गांव में विजय के घर पर दादा, बुआ ही रहते हैं। विजय के दादा ने बताया कि विजय निर्दोष है। उसे फंसाया जा रहा है।

फर्जी बैंक अधिकारी बन तय की थी शादी
ग्रामीणों ने बताया कि विजय कुछ साल पहले दिल्ली में रहता था। तभी मालूम हुआ कि वह बैंक में बड़े पद पर है। इसके बाद उसकी शादी तय की गई, लेकिन समय रहते ही लड़की वालों को विजय के बारे में सब कुछ पता चल गया और शादी टूट गई।


