फुलवारी शरीफ मामले में बड़ा खुलासा, SIT सदस्य को हनीट्रैप में लेने की हुई थी कोशिश

देश-विरोधी गतिविधियों में लिप्त और गजवा ए हिंद से जुड़े मरगुव अहमद उर्फ ताहिर को लेकर पुलिस ने आज फिर बड़ा खुलासा किया है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि एसआईटी के एक सदस्य को हनीट्रैप में लेने की कोशिश की गई थी. जब इस मामले की जांच की गई तो वह नंबर पाकिस्तान का निकला. पुलिस सूत्रों ने यह भी बताया कि फुलवारी शरीफ से गिरफ्तार ताहिर एक वॉट्सऐप ग्रुप से Markhor नाम से जुड़ा था. यह नेशनल एनिमल ऑफ पाकिस्तान WhatsApp ग्रुप का कवर था.

जांच में पता चला कि पाकिस्तानी नंबर से एसआईटी के एक सदस्य को हनीट्रैप में लेने की कोशिश की गई थी.

पुलिस सूत्रों ने बताया कि मरगुव अहमद उर्फ ताहिर अलफलाही नाम से भी वॉट्सऐप ग्रुप से जुड़ा था. इसमें इंडो-नेपाल मदरसे के लोग थे. ताहिर के फोन से ISI के लोगों का नंबर मिला है. ताहिर के जरिए 2023 में सीधा जिहाद की मुहिम चल रही थी. पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में पता चला कि तीस्ता शीतलवाड़ की गिरफ्तारी के विरोध में 12 जुलाई को अतहर परवेज के नेतृत्व में SDPI के बैनर तले पटना में प्रदर्शन होना था.

अलफलाही वॉट्सऐप ग्रुप के बारे में पुलिस सूत्रों का दावा है कि इसका हेडक्वॉर्टर UP के आजमगढ़ में है, इसमें indo nepal मदरसे के लोग हैं. सूत्र बताते हैं कि ताहिर से हुई पुलिस पूछताछ में जिहाद 2023 का मकसद यही पता चला कि इस ग्रुप के मॉडरेटर की मंशा गजवा ए हिन्द को पूरा करने की है. उन्हें उम्मीद है कि इंडियन और पाकिस्तानी मुस्लिम लड़ेंगे और लीडर पाकिस्तान बनेगा. दुनिया के सारे मुसलमान पाकिस्तान के नेतृत्व में लड़ेंगे. उनका मकसद है कि हिन्द का जो वजीर होगा, उस को बांधकर सीरिया ले जाया जाएगा और वहां फैसला होगा. जिहाद 2023 में होगा. FWW के बाद खिलाफत TARKI से 1924 में खत्म हुआ था, फिर 2024 में खिलाफत होगा, पूरी दुनिया में खिलाफत होगा, मुसलमानों का शासन होगा. पुलिस के भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान के फैजान, ZAIN से ताहिर की बात होती थी. फैजान ने ताहिर से कहा था कि जिहाद की तैयारी करो.

इस बीच, पटना पुलिस की SIT ने मोहम्मद जलालुद्दीन और नुरुद्दिन जंगी को फिर से रिमांड पर लिया है. कोर्ट ने इन दोनों को 48 घंटे की रिमांड पर एसआईटी को सौंप दिया है. फुलवारी शरीफ के अहमद पैलेस का मालिक है मोहम्मद जलालुद्दीन. सबसे पहले अतहर परवेज़ के साथ उसकी गिरफ्तारी हुई थी. नुरुद्दिन जंगी की लखनऊ से हुई थी गिरफ्तारी. वह पेशे से वकील है.

एसआईटी को उम्मीद है कि इन दोनों से पूछताछ में कई राज खुल सकते हैं. पुलिस सूत्रों का कहना है कि फुलवारी शरीफ में पीएफआई एसडीपीआई राष्ट्रद्रोह मामले की जांच के दौरान पता चला कि हनी ट्रैप की भी कोशिश की गई थी. एसआईटी के एक सदस्य को हनीट्रैप में लेने की कोशिश की जब जांच की गई तो वह नंबर पाकिस्तान का निकला.

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