पूर्णिया में एक बच्चे की जान चली गई है। मामला बीते देर रात जिले के भवानीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत भवानीपुर पंचायत के सिंधियान सुंदर गांव की है। जहां एक बच्चे को झोलाछाप डाक्टर के पास इलाज के दौरान मौत हो गई है। घटना के बाद मृतक बच्चे की परिजनों ने जमकर बवाल काटा और झोलाछाप डाक्टर परिवार सहित घर छोड़कर भाग गए।
![]()
मृतक की पहचान सिंघियान सुंदर गांव के रहने वाले चंदन कुमार शर्मा के बेटा आर्यन कुमार (8 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने परिजनों के शिकायत पर शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया।

मृतक के पिता चंदन कुमार शर्मा ने बताया कि शुक्रवार के रात उनके बेटा आर्यन कुमार को अचानक 106 डीग्री फीवर हो गया। फीवर होने से वह कराहने लगा। जल्दबाजी में गांव के ही झोलाछाप डाक्टर सुरज कुमार के पास ले गए। सुरज ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है थोड़ी देर में बच्चा ठीक हो जाएगा। इतना कहकर उसने बच्चे को एक इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगते ही आर्यन और भी बेचैन होने लगा। उसे तत्काल भवानीपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाया। लेकिन उसने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। डाक्टर ने मरीज को मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।


बताया जा रहा है कि आर्यन अपने माता पिता के एकलौता बेटा था। वह गांव के ही स्कूल में कक्षा 3 में पढाई करता था। मृतक के परिजनों ने झोलाछाप डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाकर डाक्टर के खिलाफ थाना में मामला दर्ज करा दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रहीं हैं।


