जलालुद्दीन ने क’बूली PFI क’नेक्शन की बात : सं’दिग्धों ने पू’छताछ में उगले रा’ज, ट्रेनिंग के लिए घर किराए पर दिया, स्लीपर सेल-फंडिंग का भी खु’लासा

पटना से गि’रफ्तार संदिग्ध मो. जलालुद्दीन ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से अपने संबंध की बात को क’बूल किया है। पूछताछ में स्लीपर सेल और PFI की फंडिंग से जुड़े भी कई अहम खु’लासे हुए हैं। पुलिस रिमांड के दौरान पू’छताछ में झारखंड पुलिस से रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर मो. जलालुद्दीन ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से अपने कनेक्शन की बात तब मानी, जब पुलिस ने उसे अतहर परवेज और अरमान मलिक से पूछताछ की रिकॉर्डिंग दिखाई।

वीडियो में उन दोनों की बातों को सुनने के बाद मो. जलालुद्दीन के हो’श ही उ’ड़ गए थे। तब जाकर उसने यह कबूल किया कि वो भी PFI से जुड़ा हुआ है और इसी वजह से उसने अपने घर को ट्रेनिंग के लिए अतहर परवेज को किराए पर दिया था। यही नहीं, असम और केरल सहित दूसरे राज्यों से पटना आने वाले PFI के ट्रेनर्स या सदस्यों को ठहराने की व्यवस्था भी वही करवाया करता था। रिमांड पर पूछताछ की यह बात सूत्रों के हवाले से सामने आई है।

सूत्र बताते हैं कि शुरुआती पू’छताछ में मो. जलालुद्दीन PFI से खुद के संबंधों की बात को सिरे से खारिज करता रहा। उससे कई बार पूछा गया कि अतहर परवेज से उसकी जान पहचान कैसे हुई? मगर, वो आसानी से कुछ भी बता नहीं रहा था।

पटना पुलिस की SIT, ATS और NIA के अधिकारियों ने उससे यह भी सवाल पूछा कि कर्नाटक, असम, तमिलनाडु और केरल समेत दूसरे राज्यों से जो लोग पटना आते थे, उनकी संदिग्ध भूमिका की जानकारी होने के बाद भी पुलिस को इसकी सूचना क्यों नहीं दी? झारखंड में पोस्टिंग के दौरान भी क्या वो PFI के संपर्क में था?

सूत्र का दावा है कि इन सवालों का जवाब जलालुद्दीन दे नहीं रहा था। रविवार को उससे कुल 5 राउंड की पूछताछ हुई। जब अतहर परवेज और अरमान अली के रिकॉर्ड किए गए बयान का वीडियो सुनाया गया, तब जलालुद्दीन ने PFI से अपनी नजदीकी की बात मानी। फिर, पूछे गए सवालों का जवाब देने लगा।

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