राजद के पूर्व विधायक और लालू प्रसाद के हनुमान भोला यादव में वैसी कौन सी बात है जो लालू प्रसाद ने उन्हें अपना सबसे बड़ा राजदार बनाया। सबसे विश्वासी बनाया। भोला यादव राजद के अंदर कभी भाषणबाज नेता नहीं रहे। न ही बयानबाजी कर खबरों में छाए रहना उनको पसंद रहा। वे लालू के सबसे निकट रहने वाले ऐसे नेताओं में हैं जो किसी पत्रकार का फोन तुरंत उठाते हैं।

लालू आम जन के नेता हैं तो इसमें भोला यादव की भी भूमिका रही। लालू प्रसाद कुछ भूल भी जाएं तो भोला यादव लालू यादव को उसकी याद दिला देते हैं। किस कार्यकर्ता के यहां किस कार्यक्रम में जाना है या किस दिन कौन सा कार्यक्रम है। सभी का पूरा ख्याल भोला यादव ही रखते रहे। लालू प्रसाद जैसे नेता का खासमखास बनना इतना आसान भी नहीं!

भोला यादव ने हर मोर्चे पर लालू प्रसाद का दिल जीता। उन्हें जो सलाह सही लगी, वह दी। अब भोला यादव को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ भी हुई है। भोला यादव को भी इसकी आशंका रही होगी कि ईडी या सीबीआई की दबिश उन पर हो सकती है। फिर भी लालू प्रसाद का साथ निभाते रहे।




