मोतिहारी के किसान दोहरी मार झेल रहे हैं। पहले तो इंद्रदेव ने उन्हें दगा दे गए। अब करप्ट सिस्टम के आगे किसान मजबूर हो गए हैं। अंत समय बारिश हुआ तो किसान यूरिया के लिए दुकानों के तरफ दौड़ पड़े लेकिन उन्हें खाद नसीब नहीं हुआ। इससे नाराज हो कर किसान रामगढ़वा में दिल्ली काठमाडू एशियन हाइवे को जाम कर दिया हैं। किसानों में बताया कि यूरिया खाद के लिए सुदूर ग्रामीण क्षेत्र से 15 km दूर पैदल चलकर इस आस में महिला किसान रामगढ़वा पहुँची की उन्हें खाद मिल जाएगा।

लेकिन 7 घण्टा दुकान के बाहर खड़े रहने के बाद दुकानदार ने कह दिया खाद नही है। दुकान के बाहर खाद खत्म होने का सूचना नही है। नही प्रखण्ड प्रशासन के स्तर से खाद उपलब्ध या खत्म सम्बंधित कोई जानकारी नही है। लेकिन किसानों का दर्द सुनने के लिए कोई अधिकारी नही है। किसान परेशान है।

क्या कहते हैं किसान
किसान जुबेर अहमद, सरिता देवी, कपिल देव राय, मोहम्मद दानिश, शोभा देवी सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि रात्रि के 1:00 बजे से दुकान पर लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं कि हमे खाद मिल जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। दुकानदार उन्हें यह कह कर भगा दे रहे हैं कि मेरे पास खाद नहीं है। जबकि सरकारी आंकड़ा बताता है कि दुकानदारों के पास खाद हैं। किसी तरह से पंपसेट से पटवन करके धान की रोपनी कर लिया, लेकिन बारिश नहीं होने के कारण वह भी जल रहा था।

अंत समय में इंद्रदेव की कृपा से हल्की बारिश हुई तो धान को बचाने के लिए यूरिया की जरूरत पड़ी तो अब यूरिया भी नहीं मिल रहा है। पता चलता है कि इस दुकानदार के पास यूरिया है तो वहां जाकर हम लोग रात में ही लाइन लगा देते हैं। लेकिन वह भी दुकानदार तरह-तरह के कागजातों की कमी बताकर पहले दौड़ाता हैं। फिर कहता है कि खाद नहीं हैं। ऐसे में कैसे खेती कर पाएंगे सूचना पर पहुची पुलिस किसानों को समझा कर जाम खत्म कराई।



