गाया ; सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कोच के फार्मासिस्ट द्वारा अस्पताल परिसर में बीती 9 जुलाई को सरकारी दवा जलाने मामले में डीएम के हस्तक्षेप के बाद मामला कार्रवाई के मोड़ पर पहुंच गया है। इस मामले में न केवल फार्मासिस्ट बल्कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी के खिलाफ भी कार्रवाई पर भी गाज गिरने जा रही है।

डीएम डॉ त्याग राजन एसएम के सख्त आदेश पर सिविल सर्जन गया द्वारा समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोच में दवा जलाए जलाए जाने के मामले में जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई है। मामले की जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने सिविल सर्जन को कड़ा आदेश दिया है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोच के फार्मासिस्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। फार्मासिस्ट के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के लिए विभाग को पत्र भेजा जाए।

यही नहीं ही उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। इसके अलावा डीएम ने यह भी आदेश दिया है कि समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोंच के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को बदले जाने की भी कार्रवाई की जाए। डीएम को सौंपी गई रिपोर्ट में जांच कमेटी द्वारा बताया गया है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोंच के फार्मासिस्ट घटना के उजागर होने के दिन से ही लगातार लापता चल रहे हैं। वह कार्यालय नहीं आ रहे हैं। वह भी बगैर किसी सूचना के ही वह लगातार अनुपस्थित रह रहे हैं।

सिविल सर्जन रणजीत सिंह ने बताया कि इस संबंध में फार्मासिस्ट का वेतन भुगतान बंद करते हुए विभागीय कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि कोंच अस्पताल परिसर में ही सरकारी दवा को जलाए जाने का मामला संज्ञान में आया था। इसके साक्ष्य भी उपलब्ध कराए गए थे। संबंधित मामले की जानकारी जब डीएम डॉ त्यागराजन को हुई तो उन्होंने मामले की गहराई व पारदर्शी तरीके से करने का फरमान दिया था।



