भागलपुर : कभी कभार हमारे सामने ऐसे दृश्य आ जाते हैं जो दिल दहला देते हैं. ऐसा ही एक वाकया सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात में सामने आया जब एक महिला की मौत के बाद भी एक मासूम मां को जिंदा समझता रहा और उसके लिपटकर सोता रहा. जब यह बात सामने आई कि उक्त महिला की सांस थम चुकी है तो चाइल्ड हेल्पलाइन को फोन किया गया. तब जाकर संस्था के सदस्यों ने मासूम को अपने संरक्षण में ले लिया. मासूम फिलहाल इसी संस्था की देखरेख में है.

घटना सोमवार देर रात की है जब अंधेरे के आगोश में पूरा शहर सो रहा था. लेकिन, हमेशा कि तरह भागलपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों कि काफी भीड़ लगी थी. स्टेशन परिसर में ट्रेन की सीटियों की आवाज गूंज रही थी. भागलपुर के रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या दो पर कोई अपनों के इंतजार में था तो कोई अपनों को विदा कर जुदा हो रहा था. वहीं प्लेटफॉर्म संख्या दो के एक कोने में एक पांच साल का मासूम बच्चा अपनी मां की लाश से लिपटकर सो रहा था. शायद उस मासूम को पता नहीं था जिस मां से लिपटकर वो चैन कि सांस ले रहा उस मां की सांसें बंद हो चुकीं हैं.

यात्रियों कि सुरक्षा में लगी रेलवे पुलिस की नजर जब उक्त महिला की लाश से लिपटे इस मासूम पर पड़ी तब मामला सबकी समझ में आया. मगर तब तक काफी देर हो चुकी थी. मासूम कि मां की मौत हो चुकी थी. मासूम बच्चा दिव्यांग है वह बोल नहीं पाता है. जीआरपी ने महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया. वहीं बच्चे को चाइल्ड लाइन की टीम को सौंप दिया.

मासूम बच्चा मूक बघिर है जिससे कि उसका नाम पता और अधिक जानकारी पुलिस को नहीं मिल पाई है. चाइल्ड हेल्प लाइन के लोगों ने बताया कि पांच साल का बच्चा कुपोषण का भी शिकार है. कुछ भी बताने में वह असमर्थ है. बच्चे का शरीर बहुत कमजोर है. हलांकि चाइल्ड हेल्पलाइन कि टीम अपने स्तर से मासूम से जानकारी लेने कि कोशिश कर रही है. साथ ही मासूम को बेहतर इलाज के लिये डॉक्टर से संपर्क कर रही है.



