पटना। राजधानी का कु’ख्यात अ’पराधी रवि गोप गि’रफ्तार हो गया है। करीब 14 साल से यह फ’रार चल रहा था। इसने बिहार छोड़ दिया था। महाराष्ट्र के नागपुर में इसने अपना ठिकाना बना रखा था।
हुलिया बदलकर पिछले कई सालों से वहां रह रहा था। अपने आ’पराधिक छवि को छिपाने के लिए वहां रवि गोप स्क्रैप का बिजनेस कर रहा था। महाराष्ट्र के साथ ही इसने अपनी जड़ें गोवा तक फैला रखी थी।
पटना के इस कु’ख्यात पर 50 हजार रुपए का ईनाम भी है। साल 2008 से ही रवि गोप फ’रार चल रहा था। पिछले कई महीनों से बिहार STF की एक टीम इसके बारे में इन्फॉर्मेशन जुटाने में लगी थी। जब इसके नागपुर के ठिकाने का पता चला तो पटना से STF की टीम वहां गई। छा’पेमारी की और फिर कु’ख्यात रवि गोप को धर द’बोचा। STF की टीम इसे महाराष्ट्र से पटना ले आई है।
यह अ’पराधी राजेन्द्र नगर रोड नंबर 1 में पानी टंकी के पास का रहने वाला है। ब’म फेंक कर ह’त्या करने में काफी माहिर है। पटना के गोविंद मित्रा रोड के दवा और नाला रोड के फर्नीचर कारोबारी रवि गोप और उसके गैं’ग के निशाने पर होते थे। उनसे यह रं’गदारी वसूला करता था। STF के अधिकारी की मानें तो यह नागपुर में होने के बाद भी पटना के का’रोबारियों को ड’रा ध’मका कर उनसे रं’गदारी वसूल रहा था।

