पटना। बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने आज स्वतंत्रता दिवस, 2022 के अवसर पर 15 अगस्त को विधान सभा में तिरंगा फहराया। साथ ही इस कार्यक्रम में सदन के सदस्य शामिल हुए। साथ ही बिहार विधान परिषद में अवधेश नारायण सिंह ने भी तिरंगा फरहाया।
विजय कुमार सिन्हा ने इस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने भाषण के दौरान 20 महीनों के कार्यकाल का जिक्र किया। आजादी के अमृत महोत्सव के पावन अवसर पर आज के दिन अपने शहीदों को नमन करते हैं। अपने विरासत पर गौरव महसूस करते हैं। हम अपने राज्य के सभी नागरिकों और अपने नौजवानों से आग्रह करते हैं, कि बिहार की महान विरासत जो ठहर गई है उसे आगे बढ़ाने का संकल्प लें।
साथ ही उन्होंने आगे कहा कि आज से 25 वर्ष के बाद जब हम आजादी का शताब्दी वर्ष मना रहे होंगे तब तो दुनिया हमें एक बार फिर से विश्व गुरु के रूप में देखें।आज से 20 माह पूर्व जब मुझे अध्यक्ष का पद मिला था, इन 20 महीनों में मैंने हर दिन हर पल किसी भय और पक्षपात से कभी कार्य करने की कोशिश की।
अब उसमें कितना सफल रहा और असफल रहा यह तो आने वाला समय ही बताएगा। लेकिन मैंने अपनी समाज शक्ति और सामर्थ्य से अध्यक्ष के रूप में जन अपेक्षा जन सरोकार के रूप में समर्पित रहने का प्रयास किया, बिना किसी भय पक्षपात के बिना वही करने का प्रयास किया जो एक विधानसभा अध्यक्ष से अपेक्षा की जाती है।
मैंने विधानसभा के कार्य को पारदर्शी बनाने की कोशिश की जिसका परिणाम है कि ना केवल सदन के कार्य घंटों में वृद्धि हुई बल्कि प्रश्नों के शत-प्रतिशत उत्तर विभागों के द्वारा प्राप्त हुई। हम जानते हैं बिहार के लोग हमेशा अच्छे कार्य में और अच्छे कार्य करने वाले लोगों को आगे बढ़ाते हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति लोगों को उत्साहित करने के लिए हमने खुद ही जिलेवार जाकर बाल युवा का कार्यक्रम करवाया।
साथ ही हमने उनको हमारा अधिकार और संवैधानिक कर्तव्य पर डिबेट करवाया ताकि आने वाले वाले समय में जो सिर्फ अधिकार की चर्चा करते हैं, उन्हें अपने कर्तव्य का भी बोध हो। साथ ही इस 20 महीने के छोटे से कार्यकाल में बिहार विधान सभा में राष्ट्रपति और माननीय प्रधानमंत्री का आगमन हुआ। देश के कोई भी प्रधानमंत्री विधानसभा के इतिहास में पहली बार यहां पधारे। बिहार विधानसभा के शताब्दी स्तंभ का शिलान्यास और उद्घाटन तथा अतिथि साला का शिलान्यास भी इसी दौर में हुआ जो हमारे आने वाले पीढ़ी गर्व महसूस करेगा।
