नीतीश सरकार में अनंत सिंह का रूतबा, जेल में रहकर भी खास को बनवाया मंत्री

पटना : एके-47 और हैंड ग्रेनेड जैसे हथियार रखने के मामले में भले ही बाहुबली अनंत सिंह अपनी विधायकी गवा चुके हैं लेकिन बिहार की सत्ता और सियासत में उनका रसूख अभी भी बरकरार है. मोकामा से विधायक रहे और छोटे सरकार के नाम से मशहूर राजद नेता अनंत सिंह के रसूख और प्रभाव की बानगी बिहार में मंगलवार को होने वाले नीतीश सरकार के विस्तार में भी देखने को मिल रही है. दरअसल नीतीश कैबिनेट में जिन नए चेहरों को जगह मिल रही है उनमें अनंत सिंह का एक ‘खासमखास’ शख्स भी शामिल है.

कुछ दिनों पहले बिहार में हुए एमएलसी चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के उम्मीदवार को हराकर विधान पार्षद बने कार्तिकेय सिंह उर्फ कार्तिक मास्टर को भी बिहार सरकार के मंत्रियों की सूची में जगह मिली है. इस बात से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि अनंत सिंह का प्रभाव और उनकी अहमियत बिहार की राजनीति में किस कदर है.

मोकामा से विधायक रह चुके अनंत सिंह के बेहद करीबी कार्तिकेय मास्टर उर्फ कार्तिकेय सिंह को मंत्री बनाए जाने की सुगबुगाहट सरकार के गठन के साथ ही शुरू हो गई थी और इस बात पर मुहर उनको राजभवन से उनको आए फोन कॉल के साथ ही लग गई. अनंत सिंह ने जेल में रहकर भी अपना पावर दिखाया और कार्तिक मास्टर को मंत्री की कुर्सी दिलवा दी.

दरअसल अनंत सिंह जब भी सलाखों के पीछे हुआ करते थे तो कार्तिकेय सिंह ही मोकामा से लेकर पटना तक उनकी सत्ता, सियासत और राजनीतिक समीकरणों को बरकरार रखते थे. ऐसे मे अनंत सिंह ने पहले उनको एमएलसी और अब मंत्री बनाकर डबल रिटर्न गिफ्ट दिया है. आरजेडी के एमएलसी कार्तिकेय सिंह अपने समर्थकों के बीच ‘कार्तिक मास्टर’ के नाम से मशहूर हैं. अनंत सिंह से उनकी यारी काफी पुरानी है. कहा जाता है अनंत सिंह जब से राजनीति में आए कार्तिकेय सिंह तभी से साये की तरह उनके साथ रहे चाहे वो सुख हो या फिर दुख और ये साथ अभी तक बना हुआ है.

2005 के बिहार विधानसभा चुनाव के बाद कार्तिक मास्टर और अनंत सिंह की दोस्ती लोगों की नजर में आई. इसके बाद से मास्टर साहब अनंत सिंह के राइट हैंड बन गए. 17 साल से अनंत सिंह के खासमखास कार्तिकेय सिंह जहां खुद एमएलसी और अब मंत्री बन रहे तो वहीं उनकी पत्नी भी दो बार से मुखिया है. कार्तिक की पत्नी मोकामा के शिवनार पंचायत से दूसरी बार मुखिया बनी हैं.

कार्तिक मास्टर ने जेल में बंद अनंत सिंह के लिए चुनाव में भी काम किया साथ ही वो उनके ठेकेदारी, व्यवसाय संबंधी काम को भी देखते रहे. अनंत सिंह जब भी जेल में होते हैं तो इलाके में हर काम कार्तिक के जिम्मे होता है. वो सुर्खियाों से दूर और पर्दे के पीछे रहकर तमाम गोटियां सेट करते हैं.

खास बात ये है कि कार्तिकेय सिंह को मंत्री बनाकर तेजस्वी यादव ने अपने एटूजेड समीकरण को भी साधा है क्योंकि कार्तिक मास्टर भी अनंत सिंह की ही जाति यानी भूमिहार वर्ग से आते हैं औ वो भी मोकामा के रहनेवाले हैं, जहां इस जाति का खासा वर्चस्व और प्रभुत्व है. तेजस्वी यादव ने सत्ता में वापसी से पहले ही कहा था कि सवर्ण हो या दलित, वो सबों को साथ लेकर ही चलेंगे.

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