मढ़ौरा विधानसभा क्षेत्र से आरजेडी के जितेंद्र कुमार राय भी मंत्री बने हैं. इन्हें राजद अध्यक्ष लालू यादव का करीबी माना जाता है. साथ ही तेजस्वी यादव भी इनपर भरोसा करते हैं. वे लगातार तीसरी बार जीत का परचम लहरा चुके हैं. इस बार इन्हें पहली बार मंत्री बनने का मौका मिला है.

बता दें कि बीते 2020 के चुनाव में इन्होंने जेडीयू के अल्ताफ आलम को 11385 वोटों के अंतर से मात दी थी. 2005 में हुए चुनावों में यदुवंशी राय के बेटे जितेंद्र राय ने पिता के आरजेडी के बजाय जेडीयू का दामन थामा था और चुनाव भी लड़े, लेकिन पिता के बाद उन्हें भी हार मिली. 2010 के विधानसभा चुनावों से पहले जितेंद्र कुमार राय ने घर वापसी की और आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़े और लगातार दो बार से वहीं विधायक पद पर बने हुए थे.

वहीं, उनके धुर-विरोधी लाल बाबू राय ने 2005 में जब निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर किस्मत आजमाई तो उन्हें भारी मतों से जीत हासिल हुई थी. जैसे ही उन्होंने जेडीयू का दामन थामा उन्हें (2010 में) हार का सामना करना पड़ा.

वर्ष 2015 के चुनावों से पहले जेडीयू और आरजेडी का गठबंधन हो जाने से यह सीट आरजेडी के खाते में गई और पार्टी का टिकट विधायक जितेंद्र कुमार राय को मिला. इसके बाद बगावती सुर दिखाते हुए लाल बाबू राय जेडीयू छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए. लेकिन यहां उन्हें पिछले चुनाव में हार ही मिला.

मढ़ौरा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र बिहार के सारण जिले में स्थित है और सारण लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है. यहां करीब 389151 आबादी रहती है. इसमें 92.31 फीसदी लोग ग्रामीण हैं और 7.69 फीसदी शहरी आबादी है. वहीं, अनुसूचित जाति (एससी) के लोगों की आबादी 11.36 फीसदी और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के 0.07 फीसदी लोग रहते हैं.


