बांका में चांदन नदी पर बन रहे नए पुल के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। फिलहाल लोगों को भी डायवर्सन से ही काम चलाना पड़ेगा। 58 करोड़ की लागत से बन रहे स्कूल का काम 18 महीने में पूरा किया जाना था, लेकिन साल भर बीतने को है अब भी काफी काम बाकी है। ऐसे में पुल का काम तय समय सीमा के अंदर पूरा होते नहीं दिख रहा है।
बता दें कि 12 जनवरी 2020 को पुल का पिलर ध्वस्त होने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया था। इसके बाद 31 अगस्त 2020 को नए पुल का शिलान्यास किया गया था। शिलान्यास के करीब 10 महीने बाद पुल का काम शुरू हुआ।
इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। पुल के निर्माण के लिए 18 महीने का समय निर्धारित किया गया था। 58 करोड़ रुपए की लागत से चांदन नदी पर 400 मीटर लंबा और 18 मीटर चौड़ा उच्च स्तरीय पुल का निर्माण किया जाना है।
पुल के ध्वस्त होने से शहर के अंदर केवल छोटी गाड़ियों का प्रवेश हो रहा है। डायवर्सन से होकर भारी वाहनों का परिचालन नहीं हो पा रहा है। इससे सबसे ज्यादा खामियाजा शहर के व्यवसायियों को भुगतना पड़ रहा है। उन्हें मालवाहक गाड़ियों को लाने के लिए ज्यादा खर्च करने पड़ रहे हैं। इसके अलावा डायवर्सन की भी बार-बार मरम्मत करनी पड़ रही है।

