तेज प्रताप ने पटना जू के बाघों की ली जानकारी:मंत्री बनते चिड़ियाघर पहुंचे, दुर्लभ जीवों का हाल जाना, ईको-टूरिज्म पर फोकस रखने को कहा

लालू प्रसाद के बड़े बेटे और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री तेज प्रताप यादव ने पदभार संभालते ही एक्शन मोड में नजर आए। पर्यावरण से उन्हें काफी लगाव रहा है। अपने घर में भी उन्होंने राजकीय पक्षी गौरैया के संरक्षण के लिए घोंसला लगवाया है। अपने आवास पर विदेशी नस्ल के कुत्तों के साथ ही घोड़े और गाय उन्होंने पाल रखे हैं। बुधवार को वे पटना चिड़ियाघर में दुर्लभ जीव-जंतुओं का हाल देखने पहुंचे।

तेजप्रताप यादव ने तीन घंटे तक किया निरीक्षण।

देर तक बाघों के बारे में विस्तार से जानकारी ली

तीन घंटे तक उन्होंने चिड़ियाघर का निरीक्षण किया। चिड़ियाघर के बाघ सम्राट और बाघिन के शावकों केसरी, मगध, विक्रम और रानी से मुलाकात की। काफी देर तक उन्होंने बाघिन के स्वभाव, उसकी खासियत आदि के बारे में विस्तार से डायरेक्टर से जानकारी लेते रहे। उन्होंने खान-पान पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। चिड़ियाघर में तेज प्रताप यादव ने शेर, जिराफ, हाथी आदि अन्य जानवरों को भी देखा।

ईको टूरिज्म से जुड़ी चल रही योजनाओं को जल्द पूरा करने का निर्देश

पटना चिड़ियाघर में भारत का पहला गैंडा प्रजनन केन्द्र है। वे वहां भी गए। तेज प्रताप ने थ्री डी थियेटर में वन्य जीवों से जुड़ी फिल्म भी देखी। तेज प्रताप यादव ने अरण्य भवन में अफसरों के साथ मीटिंग भी की। यहां बैठक में विभाग के प्रधान सचिव अरविंद कुमार चौधरी, वाइल्ड लाइफ वार्डेन पी के गुप्ता आदि से कई योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली।

ईको टूरिज्म में तेजप्रताप यादव की गहरी रुचि है। उन्होंने इससे जुड़ी चल रही योजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। बता दें बिहार में ईको टूरिज्म की बड़ी संभावना है। इस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का फोकस रहा है।

 

 

 

 

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