शेखपुरा में एक बेटे ने अपने पिता की निर्मम हत्या कर दी। वो भी एक थैले के लिए। बुजुर्ग पिता का सिर्फ इतना कसूर था कि उसने अपनी बड़ी बहू से अपना थैला (कीमत-20 रुपए) लौटाने के लिए कहा था। बहू का कहना था कि ये थैला वह अपने मायके से लाई है।

इसलिए वह इस थैले को नहीं देगी। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। इतने में अपनी पत्नी के समर्थन में युवक खड़ा हो गया। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि युवक ने अपने पिता के पेट में पेचकस घोंप दिया। बुजुर्ग ने जमीन पर तड़पते-तड़पते दम तोड़ दिया। मौत के बाद आरोपी अपनी पत्नी और बच्चों के साथ घर से फरार हो गया।

इधर, मंगलवार सुबह जब लोगों को इस बात की जानकारी मिली तो इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। इधर, सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार, आपसी विवाद में हत्या की बात सामने आ रही है। कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई चल रही है। मृतक की पहचान हसौडी गांव निवासी गणेश मांझी (65) के रूप में हुई।

क्या था मामला
मामले में शोभा देवी (गणेश मांझी की पत्नी) ने बताया कि उन्हें कुल पांच पुत्र है। पुत्रों से अलग होकर वे अपने पति के साथ रहती थी। मेरे घर से एक थैला उनकी बड़ी बहू ले ली। जब मेरे पति ने थैला को बड़ी बहू के पास देखा। तब वे अपने थैले को वापस करने को कहा। लेकिन बड़ी बहू थैला देने से इंकार करते हुए हुए कहा कि इस थैला को मैं अपने मायके से लाई हूं।
विवाद बढ़ा तो उनका बेटा मुकेश मांझी अपनी पत्नी के समर्थन में आ गया। पहले तो उसने अपने पिता को बेरहमी से पीटा फिर घर में रखे एक बड़ा पेचकस (स्क्रू ड्राइवर) को लेकर पिता के पेट में घोंप दिया। परिजनों का कहना है कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले और आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी करे।


