बेगूसराय में गंगा को मनाने के लिए पूजा का सहारा:बढ़ते जलस्तर से ग्रामीणों में द’हशत

बेगूसराय में एक बार फिर बाढ़ के दहशत से लोग परेशान हैं। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में लोग जाग कर रात काटने को मजबूर हो गए हैं। लोगों को डर है कि रात में नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया तो भाग भी नहीं पाएंगे। इसलिए जाग रहे हैं। वहीं, कुछ महिलाएं गंगा किनारे पूजा-अर्चना कर रही हैं। ताकि गंगा मान जाए और जलस्तर कम हो। यह मामला सदर प्रखंड के मटिहानी का इलाका का है।

बाढ़ में एक से दूसरे पंचायत में जाने के लिए एक मात्र नाव का सहारा रहता है।

यहां हर साल ही बाढ़ आता है और लोगों को अपना घर छोड़ने पर विवश होना पड़ता है। उस समय लोगों के आवागमन का सहारा एकमात्र नाव ही रह जाता है। इससे लोग एक पंचायत से दूसरे पंचायत तक का सफर करते हैं। पिछले 4 दिनों से लगातार गंगा के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। इससे लोगों को फिर से बाढ़ की चिंता सताने लगी है। गंगा का पानी बढ़ने के कारण किनारे पर लगी फसलें पूरी तरह डूब चुकी है। इससे पशुओं के चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है। स्थानीय स्तर पर कुछ नावों की व्यवस्था की गई है जो कि अपर्याप्त है।

गंगा मैया से गुहार लगा रहे ग्रामीण

ग्रामीणों का कहना है कि गंगा के डरावने रूप को देख हम लोग नदी की पूजा अर्चना कर रहे हैं। गंगा मैया से गुहार लगा रहे हैं। मटिहानी‎ मटिहानी प्रखंड के गोरगामा,‎ बलहपुर एक, बलहपुर दो,‎ खोरमपुर, सिहमा, रामदीरी एक,‎ रामदीरी दो, रामदीरी तीन,‎ रामदीरी चार, मटिहानी पंचायत‎ एक एवं मटिहानी पंचायत दो के‎ कुछ हिस्सों में लोग‎ दहशत में हैं।

सिहमा पंचायत के मुखिया‎ बमबम कुमार सिंह ने बताया कि‎ गंगा में बाढ़ का पानी जिस तरह‎ से बढ़ रहा है, अगर रफ्तार ऐसी ही रही तो दो-चार दिन में‎ बाढ़ भयंकर रूप ले लेगा। दियारा‎ क्षेत्र के किसानों का फसल‎ डूबने से लाखों की क्षति होगी।‎ किसान अपने पशुओं को लेकर‎ ऊंचे स्थान पर जा रहे हैं।

इधर, मटिहानी‎ सीओ मनीष कुमार एवं‎ मटिहानी थानाध्यक्ष विवेक‎ भारती ने गंगा के जल स्तर में‎ वृद्धि होने के कारण विभिन्न‎ गंगा घाटों पर जाकर बाढ़ का‎ जायजा लिया। सीओ मनीष‎ कुमार ने बताया कि‎ प्रशासनिक स्तर से बाढ़ के‎ पूर्व सारी तैयारी कर ली गई‎ है।‎

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