गोपालगंज के कुचायकोट प्रखंड के रामपुर खरेया भुआल गांव में स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय का हाल बेहाल है। विद्यालय भवनहीन होने के कारण विद्यालय की फाइलें और बच्चों के नामांकित रजिस्टर शौचालय में रखकर स्कूल संचालित किया जाता है।

साथ ही खुले आसमान के नीचे बच्चे पढ़ाई करने को बाध्य होते हैं, लेकिन इस पर ना ही शिक्षा विभाग की नजर जाती है और ना ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों की। फिलहाल यहां के बच्चे अपने आप को ठगा सा महसूस करते हैं।

बच्चों ने बताया कि विद्यालय भवन हीन होने के कारण आंधी पानी और जीव-जंतुओं से हमेशा डर बना रहता है। बारिश होने के बाद स्कूल बंद कर दिए जाते हैं। फिलहाल इस विद्यालय में 23 छात्र नामांकित है जबकि 4 शिक्षक अपना योगदान देते हैं लेकिन दो ही शिक्षक बच्चो को पढ़ाने आते है।

इतना ही नहीं इस विद्यालय में वर्षों से मिड डे मील भी नही बनता। वहीं शिक्षिका ने बताया कि भवन नही होने से काफी समस्या होती है। ज्यादा आंधी पानी होने पर बच्चो की छुट्टी कर दी जाती है।

मामूली बारिश में इधर उधर पढ़ाया जाता है। इसके अलावे उन्होंने कहा कि चावल व समान मंदिर में रखा जाता है लेकिन तस्वीरों में शौचालय नजर आता है। जिला शिक्षा पदाधिकारी राजकिशोर शर्मा ने बताया कि ऐसे स्कूल जो भवन हीन है उन्हें पास के विद्यालय में शिफ्ट करने का निर्देश दिया गया है बावजूद ये क्यों नहीं शिफ्ट हुआ है उसकी जांच की जाएगी।


