गया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को बिहार के गया जाकर पितृपक्ष मेला 2022 शुरू होने के पहले देश-विदेश से यहां आने वाले पिंडदानियों को मिलने वाली सहूलियत का जायज़ा लिया. सीएम नीतीश कुमार ने गया में पितृपक्ष मेला क्षेत्र के विभिन्न स्थलों का भ्रमण किया. इस क्रम में सबसे पहले उन्होंने विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की. इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने देवघाट का निरीक्षण किया और रबड़ डैम परियोजना की कार्य प्रगति की जानकारी ली. उन्होंने पितृपक्ष मेला से जुड़ी तैयारियों को अंतिम रूप देने के साथ-साथ अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये.

सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि इस परियोजना से पितृपक्ष मेला अवधि के साथ साथ साल भर तीर्थयात्रियों के लिये फल्गु नदी में जल की उपलब्धता रहेगी. उन्होंने सीता कुंड का निरीक्षण कर अधिकारियों को रबड़ डैम से सीता कुंड को कनेक्ट करने के लिए मार्ग निर्माण कराने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने अक्षय वट का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को यहां नियमित तौर पर साफ-सफाई के साथ-साथ सभी प्रकार की सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा. इसके बाद मुख्यमंत्री ने ब्रह्म सरोवर और वैतरणी सरोवर का निरीक्षण किया और अधिकारियों को यहां भी साफ-सफाई की व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया.

दरअसल फल्गु नदी में पिंड दान के वक्त पानी की कमी हो जाती थी जिससे यहां देश विदेश से आने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर फल्गु नदी में निरंतर जलस्तर संधारण हेतु रबड़ डैम का निर्माण किया गया है. फल्गु नदी में पानी की सर्वदा उपलब्धता से यहां आने वाले श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत होगी.

रबड़ डैम के ऊपर स्टील ब्रिज का निर्माण किया गया है जिससे सीता कुंड एवं देवघाट की दूरी 12 किलोमीटर से घटकर मात्र तीन किलोमीटर रह गयी है, इससे भी तीर्थ यात्रियों को सुविधा होगी. पितृपक्ष मेला के संबंध में हर तरह की सूचना उपलब्ध कराने के लिए पिंडदान गया मोबाइल ऐप विकसित किया गया है.

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पितृपक्ष मेले में देश के कोने-कोने एवं विदेशों से भी तीर्थयात्री बड़ी संख्या में श्रद्धाभाव से अपने पूर्वजों का पिंडदान और तर्पण करने गया की मोक्षभूमि आते हैं. पितृपक्ष मेले की महत्ता को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर व्यापक एवं बेहतर तैयारी रखें.

सीएम ने इस दौरान एक वाक़या का जिक्र करते हुए कहा कि मैं इस बात को नहीं भूल सकता हूं कि एक बार मुझे एक महिला श्रद्धालु ने बताया था कि यहां पिंडदानियों को काफी दिक्कत होती है. जब से हमें काम करने का मौका मिला, हमने पिंडदानियों की सुविधाओं को लेकर हमेशा कई काम किए. हर वर्ष पितृपक्ष मेले की तैयारियों का जायजा लेने आते हैं और श्रद्धालुओं की हर प्रकार की सुविधाएं सुनिश्चित की जाती हैं.

