बिहार के कटिहार में रील्स बनाने के शौक ने दो युवाओं की जिंदगी छीन ली। गुरुवार को रेलवे ट्रैक पर ‘जो फिसल जाऊं मैं वो दीवाना नहीं’ गाने पर दोनों दोस्त रील्स बना रहे थे। तभी पीछे से आ रही ट्रेन की चपेट में आ गए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना बारसोई थाना क्षेत्र के लहगरिया पंचायत के पास हुई।

रेलवे प्रशासन को जब तक घटना की जानकारी होती, परिजन दोनों युवकों के शव उठाकर ले गए। ऐसे में रेल प्रशासन भी इस मामले में बोलने से कतरा रहे। घटना दोपहर 3:30 बजे की है। मृतकों की पहचान लहगरिया पंचायत के वार्ड संख्या 5 निवासी बरगद (18 वर्षीय) और मो सरवर (15 वर्षीय) के रूप में हुई है।

दोनों में थी गहरी दोस्ती
घटना के बारे में मृतक के परिजनों ने बताया कि बरगद और मो सरवर काफी अच्छे दोस्त थे। मो सरवर जहां 7वीं कक्षा में पढ़ता था, तो वहीं बरगद मौलवी की पढ़ाई पूरी कर चुका था। दोनों के बीच दोस्ती इतनी गहरी थी कि सुबह से शाम तक दोनों एक साथ रहते थे।गुरुवार दोपहर दोनों घर से निकले लेकिन देर शाम तक वापस नहीं आए। थोड़ी देर बाद किसी ने परिजनों को कॉल कर बताया कि ट्रेन की चपेट में आने से बरगद और मो. सरवर की मौत हो गई। दोनों का शव रेलवे ट्रैक के पास पड़ा हुआ है। हम भागकर वहां पहुंचे तो देखा कि दोनों के शव क्षत-विक्षत हालत में पड़े हुए थे। जिसके बाद हम शव को उठाकर घर ले आएं।

रील्स बनाकर सोशल मीडिया पर डालने का था शौक
घटना को लेकर ग्रामीणों ने बताया कि दोनों को रील्स बनाकर सोशल मीडिया पर डालने में काफी मन लगता था। हर दिन दोनों नए-नए गानों पर सोशल मीडिया पर रील्स डालते रहते थे। गुरुवार को भी दोनों रील्स बनाने के लिए बारसोई रेलवे स्टेशन गए थे। दोनों वहां रेलवे ट्रैक पर पीछे से आ रही ट्रेन के सामने वीडियो बना रहे थे। इसी दौरान ट्रेन की चपेट में आने से दोनों की मौत हो गई।

RPF को नहीं मिला शव
इधर, इस मामले में बारसोई आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिली थी। आरपीएफ बल घटनास्थल पर पहुंचे थे। लेकिन उस जगह पर आरपीएफ को शव नहीं मिला। ना ही किसी की ओर से आवेदन दिया गया है। ऐसे में हम आवेदन का इंतजार कर रहे, जैसे ही आता है हम आगे की कार्रवाई करेंगे।


