खतरे के निशान के और करीब पहुंची गंगा, शक्तिपीठ माता चंडिका स्‍थान मंदिर में घुसा बाढ़ का पानी

मुंगेर : देश के 52 शक्तिपीठों में से एक मुंगेर स्थित माता चंडिका स्थान के मंदिर में गंगा का पानी घुस गया है. यहां मां के नेत्र की पूजा होती है. दंत कथाओं की मानें तो हर साल मां गंगा अपनी छोटी बहन मां सती से मिलने आती हैं. गंगा हर वर्ष मां चंडिका के नेत्र को छूकर वापस लौट जाती हैं.मुंगेर के गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज हो रही है.

 गंगा का पानी देश के 52 शक्तिपीठों में से एक और मुंगेर मुख्यालय से तकरीबन 3 किलोमीटर दूर अवस्थित चंडिका स्थान मंदिर में घुस गया. भारतीय कथाओं के अनुसार, यहां माता सती का बायां नेत्र गिरा था. इस कारण यहां नेत्र की पूजा होती है. (फोटो: अरुण कुमार शर्मा/न्‍यूज 18 हिन्‍दी)

शनिवार को गंगा का जलस्तर 38.30 मीटर तक पहुंच गया है. यह खतरे के निशान से महज 1.03 मीटर नीचे है. मुंगेर में 56 किलोमीटर लंबे गंगा तट के दियारा और निचले इलाके में पानी का फैलाव तेजी से होते जा रहा है.गंगा का पानी देश के 52 शक्तिपीठों में से एक और मुंगेर मुख्यालय से तकरीबन 3 किलोमीटर दूर अवस्थित चंडिका स्थान मंदिर में घुस गया. भारतीय कथाओं के अनुसार, यहां माता सती का बायां नेत्र गिरा था. इस कारण यहां नेत्र की पूजा होती है.

चंडिका स्‍थान के प्रधान पुजारी नंदन बाबा ने बताया की बुधवार की रात्रि से ही चंडिका स्थान में गंगा के पानी का प्रवेश निरंतर जारी है. अगर यही स्थिति रही तो मंदिर में पानी का स्‍तर काफी बढ़ सकता है.नंदन बाबा ने बताया की दंत कथा के अनुसार, मां गंगा की छोटी बहन मां सती हैं. हर साल गंगा चंडिका स्थान में आकर चंडिका स्थान के गर्भ गृह तक पहुंचकर नेत्र को स्पर्श करती हैं.

इसके बाद गंगा वापस लौट जाती हैं. बता दें कि देश के ऊपरी हिस्‍सों में लगातार बारिश के कारण गंगा का जलस्‍तर लगातार बढ़ गया है. गंगा नदी में पानी का बहाव ज्‍यादा होने के कारण बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. मुंगेर के कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस भी गया है.

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