BPSC ऑफिस के बाहर अभ्यर्थियों पर ला’ठीचार्ज:पैटर्न में बदलाव और एक ही शिफ्ट में एग्जाम लेने की कर रहे थे मांग

पटना में BPSC कार्यालय के बाहर परीक्षा पैटर्न में बदलाव की मांग को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसमें छात्र नेता दिलीप कुमार समेत कई छात्र चोटिल भी हो गए। अभ्यर्थी PT परीक्षा एक ही दिन और एक ही पाली में करवाने की मांग कर रहे हैं।

हंगामा करते अभ्यर्थियों को रोकती पुलिस।

अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती तब तक वे आंदोलन करते रहेंगे। हालांकि अभ्यर्थियों को पुलिस ने बीच रास्ते में रोक दिया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस लाठीचार्ज भी कर दिया।

अभ्यर्थियों का कहना है कि 67वीं BPSC की परीक्षा को लेकर बीते मंगलवार को आयोग की तरफ से नोटिफिकेशन जारी हुआ था। इसमें यह बताया गया कि इस बार प्रारंभिक परीक्षा एक दिन की जगह दो लिए जाएंगे, साथ ही परीक्षा के रिजल्ट भी परसेंटाइल सिस्टम के आधार पर जारी किए जाएंगे। जबकि अभ्यर्थियों की मांग है कि परीक्षा के पैटर्न में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाए।

अभ्यर्थियों ने ट्विटर पर इसको लेकर विरोध अभियान चलाया था और एक दिन में परीक्षा लेने की मांग की थी। 26 अगस्त को अभ्यर्थियों ने परसेंटाइल सिस्टम लागू करने और दो दिनों में पीटी परीक्षा आयोजित करवाने की घोषणा का विरोध किया था। 8 मई को 67वीं पीटी का प्रश्न पत्र लीक हो जाने के बाद सभी सेंटर्स की परीक्षा रद्द कर दी गई थी। अब वही परीक्षा ली जा रही है। आयोग का तर्क है कि छह लाख से ज्यादा अभ्यर्थी होने की वजह से आयोग को एक दिन में परीक्षा लेने में दिक्कत हो रही है, इसलिए दो दिन में परीक्षा ली जाएगी।

लाठीचार्ज में छात्र नेता दिलीप कुमार समेत कई छात्र चोटिल भी हो गए।

निगेटिव से भी ज्यादा खतरनाक होने वाली है परीक्षा- गुरु रहमान

बीपीएससी परीक्षाओं की तैयारी वर्षों से कराने वाले गुरु रहमान कहते हैं कि जिस सिस्टम से आयोग परीक्षा लेने जा रहा है, वह निगेटिव से भी ज्यादा डेंजर होने वाला है। उन्होंने कहा है कि 67वीं पीटी परीक्षा में किसी भी परिस्थिति में परसेंटाइल सिस्टम लागू नहीं करना चाहिए और परीक्षा एक शिफ्ट में लेनी चाहिए। छात्रों के हित में आयोग के चेयरमैन को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।

वहीं छात्र नेता दिलीप कुमार ने BPSC के फैसले के बाद कहा था कि यह आयोग का तानाशाही रवैया है। आयोग के चेयरमैन ने बातचीत के लिए 31 अगस्त को अभ्यर्थियों को बुलाया था। उससे पहले यह फैसला आयोग ने ले लिया है। अब सभी सरकार से मांग करेंगे कि एक दिन में परीक्षा ली जाए और पुरानी पद्धति पर ही ली जाए।

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