बिहार: शहीद सुधांशु को दी गई अंतिम सलामी, लद्दाख के गलवान में पोस्टेड था बांका का लाल

बांका : लद्दाख के गलवान में तैनात सैनिक सुधांशु कुमार का पार्थिव शरीर शुक्रवार की देर रात रजौन के सकहरा गांव लाया गया. बांका के लाल शव पहुंचने के साथ ही लोगों की भीड़ एक झलक पाने लिये उमड़ पड़ी. सुबह से ही आसपास के लोगों की भीड़ के साथ ही स्थानीय पदाधिकारी भी सुधांशु को श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे थे. इस दौरान लोग सुधांशु के शव के साथ नायक सूबेदार मुकेश कुमार के नेतृत्व में जवानों की टुकड़ी भी आयी थी जिसने सलामी दी.

लद्दाख के गलवान में तैनात शहीद शुधांसु कुमार का पार्थिव शरीर शुक्रवार देर रात बांका लाया गया.

इस दौरान क्षेत्र के हज़ारो लोगो ने सुधांशु को नम आंखों से श्रद्धांजलि दी रहे थे तो वहीं पूरा परिवार बदहवास पड़ा हुआ था. पिता राजेश चौधरी सहित अन्य सदस्यों का रोते-रोते बुरा हाल होते जा रहा था तो ग्रामीण परिजनों को दिलासा देते दिख रहे थे. क्षेत्रीय विधायक भूदेव चौधरी सहित स्थानीय पदाधिकारी भी सुधांशु को श्रद्धांजलि दी.

इस बाबत सुधांशु के शव के साथ आये नायक सूबेदार मुकेश कुमार ने बताया कि सुधांशु कुमार की ड्यूटी के दौरान ही शहादत हुई है जो देश के लिये उनका सर्वोच्च बलिदान है. वहीं क्षेत्रीय विधायक भूदेव चौधरी ने सुधांशु को बहादुर बच्चा बताते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान को याद रखने वाला बताया.

पिता राजेश चौधरी ने बताया कि मेरा बेटा सीमा की रक्षा के दौरान जख्मी हो गया था जिसके बाद इलाज के दौरान वे शहीद हो गए. श्रद्धांजलि देने के बाद सुधांशु का शव अंतिम संस्कार के लिये सेना के वाहन से भागलपुर ले जाया गया. इस दौरान क्षेत्र के हजारों लोगों की भीड़ देशभक्ति के गीतों के बीच नम आंखों से विदाई दी.

गौरतलब है कि रजौन के सकहरा के राजेश चौधरी के इकलौते पुत्र सुधांशु कुमार की नियुक्ति 2020 में ही आर्मी में वायरलेस ऑपरेटर के तौर पर हुई थी जो वर्तमान में लद्दाख के गलवान में तैनात थे. बीते 21 अगस्त को कर्तव्य के दौरान जख्मी हो गए थे और उनका इलाज पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा था. मगर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

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