मुजफ्फरपुर। अब सरकारी स्कूलों में हर महीने अभिभावक-शिक्षक संवाद होगा। इसमें कक्षाओं में बच्चों के ठहराव, उनके शैक्षणिक प्रगति से लेकर कक्षाओं में उनके आचार-व्यवहार पर चर्चा होगी।
इसके लिए महीने की 7 तारीख की तिथि तय की गई है। अगर किसी कारणवश इस दिन सार्वजनिक अवकाश होता है तो अगली तिथि को यह कार्यक्रम होगा। बैठक 11 बजे से शुरू हाेगी।
हर महीने विद्यालय में बच्चों की संख्या के अनुसार एक या दो कक्षाओं की अभिभावक-शिक्षक गोष्ठी हाेगी। इसके बाद अगले महीने दूसरी कक्षाओं में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के अभिभावकों के साथ शिक्षकों की बैठक होगी।
यह प्रक्रिया तब तक चलेगी, जब तक सभी नामांकित बच्चों के अभिभावकों की बैठक स्कूल में हो न जाए। यानी हर माह कोई न कोई बैठक स्कूल में जरूरी होगी।
डीएम प्रणव कुमार के निर्देश पर जिला शिक्षा विभाग ने इसे सभी स्कूलों में सुनिश्चित कराने की योजना तैयारी की है। इसे लेकर सभी बीईओ व एचएम तक की जवाबदेही सुनिश्चित की गई है।
स्कूल के प्रधान-शिक्षक की ये जिम्मेदारियां होंगी {माता-पिता-अभिभावक-शिक्षक बैठक कराने की जवाबदेही स्कूल के प्रधान की होगी
अभिभावकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी वर्ग शिक्षकों की होगी विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष से लेकर सदस्यों की मदद सुनिश्चित करनी है बैठक की रिपोर्ट और फोटो एचएम लेकर इसे बीईओ को भेजेंगे।
