राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शिक्षक दिवस पर मध्य प्रदेश के दो शिक्षकों ओमप्रकाश पाटीदार और नीरज सक्सेना को सम्मानित किया. प्रकाश शाजापुर जिले के, जबकि नीरज रायसेन जिले के हैं. इस मौके पर ओमप्रकाश ने कहा कि उन्होंने घर में मौजूद सामान के जरिये बच्चों को विज्ञान के बारे में समझाया.

इससे बच्चो में विज्ञान का दृष्टिकोण विकसित हुआ. उन्होंने दावा किया कि अपने इस उद्देश्य में सफल भी हुए हैं. उन्होंने बताया कि विज्ञान को सिखाने के लिए उन्होंने तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया. इसके जरिये बच्चो के प्रयोग वर्चुअल लैब में कराए. इससे बच्चे जल्दी सीख गए.

वहीं, रायसेन के नीरज सक्सेना ने कहा कि जिले के बच्चों की वजह से मुझे यह सम्मान मिला है. बच्चो ने काफी प्रोत्साहित किया. पुरस्कार मिलने के बाद अब और जी जान से बच्चों के लिए काम करेंगे. रायसेन जिले के बाड़ी ब्लॉक के टीचर नीरज के अनूठे प्रयोग देश में मिसाल बन गए हैं. उन्होंने भील और आदिवासी समुदाय के बच्चों में खेल-खेल में शिक्षा की अलख जगा दी. उन्होंने न सिर्फ बच्चों को शिक्षित किया, बल्कि स्कूल में बैलगाड़ी से किताबें भी पहुंचाईं.

घर-घर जाकर जगाई अलख
नीरज ने स्कूल से बच्चों को जोड़ने के लिए अभिभावकों को जागरूक किया. घर-घर जाकर लोगों को शिक्षा का महत्व बताया. स्कूल के पास लगी जमीन पर पार्क तैयार कर 1500 से 2000 पेड़ लगाए. पेड़ों पर सभी विषयों के साथ शैक्षणिक सामग्री के बोर्ड लगाए. गणित से लेकर सामान्य ज्ञान के भी बोर्ड लगाए. प्रदेश के साथ देश की सारी जानकारियां बोर्ड पर लिखीं. इससे बच्चे खेलते-खेलते सीखते चले गए और सभी बच्चों की शिक्षा के प्रति रुचि पहले के मुकाबले बढ़ने लगी.

मातृ भाषा में पढ़ाई कराने पर निखरकर आएंगी प्रतिभाएं- राष्ट्रपति
इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को कहा कि अगर विज्ञान, साहित्य और सामाजिक विज्ञान की पढ़ाई मातृ भाषा में करायी जाए तो इन क्षेत्रों में प्रतिभाएं और निखर कर सामने आएंगी.
वह राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार समारोह को संबोधित कर रही थीं, जहां उन्होंने अपने स्कूली शिक्षकों के योगदान को याद किया जिनकी वजह से वह कॉलेज जाने वाली अपने गांव की पहली लड़की बनी थीं. राष्ट्रपति मुर्मू ने यह भी कहा कि भारत की स्कूली शिक्षा दुनिया की सबसे बड़ी शिक्षा प्रणालियों में से एक है. उन्होंने 46 चुनिंदा शिक्षकों को स्कूली शिक्षा में उनके विशिष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार, 2022 से सम्मानित किया.



