मुजफ्फरपुर। 9 दिनाें से चली आ रही हड़ताल के बीच नगर निगम के 800 कर्मचारियाें के वार्ड बदल दिए गए हैं। ये स्थानांतरण चुनाव काे लेकर किए गए हैं, लेकिन पद पूर्ववत रखा गया है। निगम के अनुसार निर्वाचन आयाेग काे शिकायत मिली थी कि आगामी चुनाव में वार्ड प्रतिनिधि के चहेते कर्मी प्रभाव डाल सकते हैं। इसी के मद्देनजर नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्देश पर निगम प्रशासक ने इन कर्मचारियाें का स्थानांतरण किया है।
यूं ताे पत्र में इसका जिक्र नहीं है, लेकिन बताया जाता है कि विभिन्न वार्डाें में इनमें से कई कर्मचारी वार्ड प्रतिनिधि के मनमाफिक हैं। जल्द ही निगम के चुनाव की अधिसूचना जारी हाेनेवाली है। इसके पहले इस तबादले काे बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
उधर, जिनका स्थानांतरण हुआ है उनमें स्थायी और दैनिक वेतन पर कार्यरत कर्मचारी दाेनाें हैं। कर संग्रहकर्ता, अनुसेवी, सहायक, मेट, पंप, खलासी से लेकर ऑपरेटर सभी का तबादला कर दिया गया है। निगम में कुल 1200 कर्मचारी हैं। 800 के वार्ड बदले हैं, जबकि अन्य कर्मचारी निगम कार्यालय में कार्यरत हैं।
नगर निगम कर्मचारी महासंघ के महामंत्री अशाेक सिंह ने कहा कि हड़ताल के बीच दबाव बनाने के उद्देश्य से भी कार्रवाई की जा रही है। लेकिन, इससे कर्मचारी पीछे नहीं हटेंगे।
उन्हाेंने कहा कि एक सप्ताह से अधिक समय से कर्मचारी अपनी मांगाें काे लेकर संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन, किसी वार्ड प्रतिनिधि ने समर्थन नहीं किया। वे कर्मियाें से काम लेना चाहते हैं।
लेकिन, कर्मचारी हित में आवाज नहीं उठाते। उधर, अंबेडकर लाेहिया विचार मंच के अध्यक्ष रामसूरत भारती ने नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री एवं डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव काे पत्र िलखकर हड़ताल खत्म कराने का आग्रह किया है। उन्हाेंने कहा कि हड़ताल के कारण पूरे शहर में गंदगी का अंबार है। बारिश से जलजमाव है। बरसात में बच्चे-बुजुर्ग बीमार हाे रहे हैं।

