पटना. राहुल गांधी कश्मीर से कन्यकुमारी तक भारत जोड़ो यात्रा पर निकल रहे हैं. लेकिन उनकी यात्रा रूट चार्ट में बिहार के नहीं होने पर सियासत शुरू हो गई है. भाजपा ने सवाल उठाते हुए पूछा है कि जिस राहुल के यात्रा में बिहार नहीं है उसी बिहार से नीतीश कुमार विपक्षी एकता को मजबुत करने की कोशिश कर रहे हैं; इससे समझा जा सकता है कि विपक्षी एकता की इस कवायद का मतलब क्या है? भाजपा ने सवाल उठाया है कि महात्मा गांधी ने आंदोलन के लिए चंपारण को भले चुना था लेकिन राहुल गांधी के लिए बिहार महत्वपूर्ण नहीं है क्या?

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से जहां कांग्रेस के कार्यकर्ता उत्साहित हैं वहीं, भाजपा को इसी यात्रा के बहाने कांग्रेस और महागठबंधन पर हमला बोलने का मौका मिल गया है. भाजपा नेता और पूर्व मंत्री नितिन नवीन ने राहुल की यात्रा के बहाने हमला बोलते हुए नीतीश कुमार से सवाल भी पूछा है. नितिन नवीन ने कहा कि क्या बिहार के बिना देश की राजनीति की कल्पना की जा सकती है? राहुल गांधी ने बिहारवासियों को अपमानित करने का काम किया है.

बता दें कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा 3500 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय करेगी. इस दौरान यह यात्रा 12 राज्यों और दो केंद्रशासित प्रदेशों से होकर गुजरेगी. अपनी यात्रा के दौरान कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक जाएंगे, लेकिन उनके रूट चार्ट में बिहार नहीं आ रहा है. उत्तर प्रदेश में भी वे सिर्फ बुलंदशहर जाएंगे. जबकि इस यात्रा में 12 राज्य और कुछ केंद्र शासित राज्य भी हैं. भाजपा के आरोप पर कांग्रेस और JDU पलटवार करते हुए इस मुद्दे पर भाजपा पर राजनीति करने का आरोप लगा रही है.

हालांकि, कांग्रेस का कहना है कि कन्याकुमारी से कश्मीर के बीच के रूट में बिहार नहीं आ रहा है, इसलिए बिहार इसमें शामिल नहीं है. जिन राज्यों में यात्रा नहीं हो पा रही है वहां भी वहां के कार्यकर्ता यात्रा निकालेंगे. इसके लिए बिहार के हर जिले में कॉर्डिनेटर बनाया जा रहा है.

बहरहाल, नीतीश कुमार लगातार भाजपा विरोधी दलों को एकजुट करने की कवायद में जुटे हुए हैं. वहीं, कांग्रेस भी अपना अलग जनाधार बढ़ाने में लगी हुई है. मगर भारत यात्रा में बिहार को शामिल नहीं किए जाने को लेकर भाजपा को हमला बोलने का मौका मिल गया है.




