पितृपक्ष शुरू हो गया है। शहर में खासकर गया जी मेला क्षेत्र में काफी चहल-पहल है। 17 दिनों के लिए किए जाने वाले श्राद्ध का आज पहला दिन है। श्राद्ध के निमित्त आने वाले तीर्थयात्री जो 17 दिनों का पिंडदान करते हैं, वे गोदावरी सरोवार या फिर पटना की पुनपुन नदी से शुरुआत करते हैं। इस गोदावरी सरोवर में अब तक एक पिंडदानी नहीं आए हैं। जबकि यहां पहले दिन श्रद्धालुओं की अच्छी खासी तादाद होती थी। लेकिन इस बार ऐसा नहीं है।

इससे भी खास बात यह है कि गोदावरी सरोवर की साफ-सफाई नहीं हुई है। ऊपरी तौर पर ही साफ-सफाई की गई है। सरोवर का पानी गहरे हरे रंग का हो चुका है। यही नहीं, इस सरोवर में सांप भी पूरी मस्ती में एक छोर से दूसरी छोर तक घूम रहे हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं का इस सरोवर में नहाना खतरे से कतई खाली नहीं है। यही नहीं आसपास के लोगों का कहना है कि इस सरोवर में कई सांप घूमते रहते हैं। और तो और तालाब से सटे घरों की छत से इसी सरोवर में पानी भी घिर रहा है।

इधर विष्णुपद मंदिर प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष शंभुलाल बिठ्ठल का कहना है कि ज्यादातर तीर्थयात्री जो 17 दिनों के लिए पिंडदान करने आए, वे पटना जिले के पुनपुन नदी के लिए गए हुए हैं। इसीलिए गोदावरी सरोवर में पिंडदानियों की संख्या नहीं है। यदि कुछेक तीर्थयात्री किसी पंडे के पास होंगे तो देर से वहां पहुंचेगे।

इधर साफ-सफाई के काम जुटे कर्मियों ने बताया कि तालाब की साफ-सफाई दो दिनों से जारी है। बीतेे दिनों हड़ताल चल रही थी। तालाब की सफाई की गई है। इसमें 50 किलो फिटकरी डाला है। बावजूद इसके पानी गहरा हरा बना हुआ ही है।

वहीं गोदावरी इलाके के वार्ड पार्षद विनोद यादव ने बताया कि साफ-सफाई कराया जा रहा है। लेकिन जैसे ही उनसे यह पूछा गया कि सरोवर में तो सांप तैर रहा है तो वह मौके से चुपचाप चलते बने।




