बेतिया में सरकारी अस्पताल में गं’दगी-ब’दबू के बीच इलाज कराने को मजबूर मरीज

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया शहर स्थित सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में जिले भर से मरीज इलाज के लिए आते हैं. मगर सफाई के मामले में यह अस्पताल पिछड़ा नजर आता है. यहां भर्ती मरीजों के परिजनों का कहना है कि यहां इलाज तो ठीक किया जाता है, लेकिन सफाई व्यवस्था अभूत बुरी है. लोगों का कहना है कि अस्पताल के शौचालय की सफाई  नहीं होती.

बेतिया में सरकारी अस्पताल में गंदगी-बदबू के बीच इलाज कराने को मजबूर मरीज, कब  सुधरेंगे हालात? - Gopalganj Samachar

भयंकर बदबू या फिर फ्लोर पर गंदे पानी का जमाव यहां आम बात है. इतना ही नहीं कुछ लोगों का यह भी कहना है कि अस्पताल में पीने के पानी की भी उचित व्यवस्था नहीं है. हालांकि, अस्पताल में इलाज की व्यवस्था पर लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया रही. मरीजों के परिजनों का कहना है कि यहां डॉक्टरों के इलाज से वो संतुष्ट हैं. समय–समय पर डॉक्टर मरीजों का हाल लेने आते हैं और मरीजों का उचित उपचार करते हैं.

अस्पताल में उचित साफ-सफाई नहीं होने और पानी की व्यवस्था पर आपत्ति जताने के बाद अस्पताल के अधीक्षक प्रमोद तिवारी ने कहा कि अस्पताल अभी निर्माणाधीन है, यह पूरी तरह से बनकर तैयार नहीं हुआ है जिसकी वजह से वहां मूलभूत सुविधाओं की कमी है. उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल में आए लोगों के द्वारा नल खुला छोड़ देने से फ्लोर पर जल जमाव की समस्या उत्पन्न होती है. टॉयलेट की सफाई पर उनका कहना था कि अभी ड्रेनेज की व्यवस्था नहीं है जिससे यहां हमेशा पानी लगा रहता है, जो वहां उठने वाली बदबू का कारण बनता है.

पेयजल की व्यस्था पर उन्होंने कहा कि हर फ्लोर (मंजिल) पर आरओ और चिलर लगा है, लेकिन वहां आने वाले लोगों के द्वारा गलत तरीके से इस्तेमाल करने से वो खराब हो चुका है. चूंकि उन्हें इसकी जानकारी मिली है तो उसको मरम्मत करवा कर दुरुस्त कर दिया जाएगा.

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