पुलिसवालों ने दागदार की वर्दीःजिनके कंधे पर थी सुरक्षा की जिम्मेवारी, वही कर रहे थे अ’पराध

पटना: बिहार पुलिस के कुछ जवान अपराधियों से साठगांठ कर लूट की वारदात को अंजाम देने में लगे हैं. यह फिल्मी कहानी नहीं, हकीकत है. ऐसा नहीं है कि यह पहली बार हुआ है. पुलिस वालाें के लूटपाट में शामिल हाेने के कई मामले मिले हैं. नीचे हम आपकाे इसका डिटेल भी दे रहे हैं. फिलहाल ताजा मामला छपरा के बरेली का है. आभूषण व्यवसाई से लूटकांड को अंजाम दिया गया था. जांच के बाद छपरा पुलिस ने इस बात का खुलासा किया कि इस लूटकांड का मास्टरमाइंड कोई दुर्दांत अपराधी नहीं बल्कि बिहार पुलिस के दो जवान थे. इनकी पहचान शशिभूषण और पंकज पराकर के रूप में की गयी. इन दोनों ने चंद रुपये के लिए इस वारदात को अंजाम देकर खाकी को दागदार बनाया. अब इस मामले की विस्तृत जांच छपरा पुलिस कर रही है.

Thumbnail image

बिहार पुलिस की छवि को धूमिल किया

पुलिस मुख्यालय के ADG जितेंद्र सिंह गंगवार के मुताबिक शशिभूषण पहले भी सारण जिले के गढ़खा में इस तरह के सोना लूटकांड को अंजाम दे चुका है. फिलहाल इस मामले की जांच की जा रही है. जितेंद्र सिंह गंगवार यह भी बताते है की जल्द ही शशिभूषण और पंकज पराकर के विरुद्ध विभागीय कारवाई की जायेगी उन्हें निलंबित भी किया जाएगा. पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास की मानें तो यह घटना बिहार पुलिस की छवि को धूमिल किया है. यह दुर्भाग्य की बात है कि पुलिस के वेश में अपराधी की मदद ही नहीं कर रहे बल्कि घटना को भी अंजाम दे रहे हैं.

कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए

अमिताभ दास ने कहा कि इन दागी पुलिसकर्मियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए,जो पुलिस महकमे के लिए सबक बन सके. निलंबन के साथ-साथ उनके ऊपर कड़ी से कड़ी सजा मुकर्रर होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पुलिस फोर्स जॉइन करने से पहले सभी पुलिसकर्मियों का करैक्टर सर्टिफिकेट दिया जाता है. हालांकि हर पुलिसकर्मी पर नजर बनाकर रखना मुमकिन नहीं है. पूर्व आईपीएस अमिताभ दास के मुताबिक भ्रष्ट अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ निगरानी विभाग विशेष निगरानी विभाग और आर्थिक अपराध इकाई नजर रखती है और ऐसे कर्मियों पर समय-समय पर कार्रवाई भी होती है.

स्वर्ण व्यवसायी से 14 लाख की लूट

बीते 9 सितंबर को भगवान बाजार थाना क्षेत्र के भरतमिलाप चौक के समीप पुलिस की वर्दी में चार अपराधकर्मियों ने बरेली एक व्यवसायी अभिलाष वर्मा को स्टेशन जाने के क्रम में ई-रिक्शा से उतार लिया और पूछताछ के क्रम में गाड़ी में बिठा लिया. इसके बाद डोरीगंज थाना क्षेत्र के छपरा-आरा पुल के समीप व्यवसायी से 900 ग्राम के जेवरात, 139 ग्राम कच्चा सोना और 5 लाख रूपया कैश को लूटकर फरार हो गए. पीड़ित ने मामले की शिकायत थाने में की.

गौरतलब है की यह कोई पहली घटना नहीं है जिसमें वर्दीधारी ही घटना को अंजाम दिया है. इससे पहले भी पटना सहित बिहार के कई जिलों में लूट, वसूली से लेकर लुटेरों को छोड़ने के मामले में पुलिस पदाधिकारी से लेकर जवानों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. आइए एक नजर डाल लेते हैं पूर्व में हुई कुछ ऐसे ही आपराधिक वारदातों पर.

 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading