गयाः बिहार के गया में बीते रविवार को बालू का चालान नहीं देने पर एक युवक को बालू माफियाओं ने गोली मार दी थी. बाद में पटना में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. वहीं, मृतक का शव पैतृक गांव में पहुंचने के बाद आक्रोशित लोगों ने घटना पर रोष जताया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इस दौरान पलटू राम मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए. वहीं, घटना के मुख्य आरोपr बैजू यादव के संबंध भी कई बड़े नेताओं के साथ सामने आए हैं.
ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त
युवक की पहचान अतरी थाना क्षेत्र के बेलारू गांव के निवासी 23 वर्षीय विकास कुमार के रूप में हुई थी. पटना में इलाज के दौरान युवक की मौत के बाद विकास का शव पैतृक गांव पहुंचा तो ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया. काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और आक्रोश पूर्ण नारे लगाने लगे. हालांकि ग्रामीणों के आक्रोश की संभावना को देखते हुए पुलिस प्रशासन की टीम वहां पहले से ही अलर्ट थी. पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया.

मुख्य आरोपी बैजू यादव के नेताओं से हैं संबंध
ग्रामीणों के अनुसार इस कांड का मुख्य आरोपी बैजू यादव है. जो अतरी के राजद विधायक अजय यादव उर्फ रंजीत यादव का भी करीबी है. ग्रामीणों का आरोप है कि बैजू यादव को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होता रहा है और अभी वो बालू माफियाओं का सरगना है. पुलिस पर भी हमला करने में भी यह आरोपित है. इसके खिलाफ कई कांड दर्ज हैं, लेकिन राजनीतिक रसूख के कारण बैजू यादव पर पुलिस हाथ डालने से डरती है.

विकास हत्याकांड को लेकर सियासत तेज
विकास कुमार की हत्या के बाद से ही बैजू यादव व अन्य अपराधी फरार हैं. 3 दिनों के बाद भी पुलिस इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है. यही वजह है कि लोगों में नाराजगी व्याप्त है. माना जा रहा है कि गुरुवार को इस घटना को लेकर कई नेता अतरी पहुंचेंगे. विकास हत्याकांड को लेकर सियासत भी तेज हो गई है.

बाहुबली नेता राजबल्लभ यादव की है एकलव्य कंपनी
पुलिस के मुताबिक 23 वर्षीय युवक विकास कुमार बालू का ठेका लेने वाली कंपनी एकलव्य में ऑपरेटर के पद पर था. जिसे चारपहिया वाहन पर सवार होकर आए युवकों ने गोली मार थी. गोली लगते ही युवक बेसुध होकर गिर गया. बाद में उसे चिंताजनक हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां से उसे पटना रेफर किया गया था. एकलव्य कंपनी के नाम से इलाके में बालू का ठेका चलता है. यह कंपनी नवादा के बाहुबली नेता राजबल्लभ यादव की बताई जाती है.


