बिहार भागलपुर के चर्चित सृजन घो’टाले के नामजद आ’रोपित सेवानिवृत एडीएम कृष्ण कुमार को दिल्ली से आई चार सदस्यीय सीबीआइ की टीम ने बुधवार को उनके पैतृक निवास तुनियाही से गि’रफ्तार कर लिया। गि’रफ्तार कृष्ण कुमार को न्यायालय से ट्रांजिट पर टीम लेकर पटना गई। वर्तमान में मधेपुरा में डिग्रेशिया स्कूल के निदेशक हैं। गि’रफ्तारी के बाद कृष्ण कुमार को न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट पर लेकर सी’बीआई की टीम ने अपने साथ पटना ले गई।
मिली जानकारी के अनुसार कृष्ण कुमार सहरसा में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के पद पर का’र्यरत रहने के दौरान उन्होंने नियम से ह’टकर सरकारी रुपया को भागलपुर के सृजन महिला विकास सहयोग समिति के खाते में ट्रां’सफर कर दिया था। सृजन घो’टाले में कृष्ण कुमार का नाम आने के बाद सरकार ने उन्हें नि’लंबित कर उनके ऊपर आ’रोप गठित कर विभागीय जां’च का आदेश दिया था।
विभाग की ओर से की गई जांच में कृष्ण कुमार पर लगे सभी आरोप सही पाए जाने के बाद सरकार ने उन्हें 2019 में सेवा निवृति के दिन सेवा से बर्खास्त कर दिया था। घोटाले की जांच कर रही सीबीआई की जांच में भी बिहार प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी कृष्ण कुमार पर लगे आरोप सत्य पाया गया था।
तब से कृष्ण कुमार सीबीआई के रडार पर थे। आखिरकार सीबीआई की टीम ने विजयादशमी के दिन मधेपुरा पहुंच सृजन घोटाले के आरोपी सेवानिवृत अधिकारी कृष्ण कुमार को उनके पैतृक निवास तुनियाही से गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई। कहा रहा है कि पूछताछ में उन्होंने कई अहम राज उगले हैं। अन्य आरोपितों के बारे में भी पूछताछ की जा रही है।
मधेपुरा के पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि दिल्ली से आई सीबीआई की टीम ने सदर थाना की पुलिस के सहयोग से सृजन घोटाले के आरोपी कृष्ण कुमार को तुनियाही स्थित उनके पैतृक आवास से गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई।



