महिला स’र्जन की तैनाती के बाद भी आउटसोर्सिंग से बं’ध्याकरण आ’परेशन का खेल, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लिया गं’भीरता से

मुजफ्फरपुर : पीएचसी में महिला सर्जन की तैनाती के बाद भी जिले में आउटसोर्सिंग से बं’ध्याकरण आ’परेशन का खेल चल रहा है। औराई में पहला मामला आने के बाद जांच में नौ पीएचसी में पिछले दस साल से आउटसोर्सिंग से हो रहे बं’ध्याकरण आ’परेशन का मामला सामने आया है। जांच से पता चला है कि पीएचसी में आशा के माध्यम से महिलाओं को जमा किया जाता है। सरकारी अस्पताल के आपरेशन थिएटर में निजी एजेंसी की टीम में शामिल चिकित्सक आपरेशन करते हैं। बदले में एजेंसी को राशि का भुगतान किया जाता है।

सरकारी अस्पताल के ओटी का उपयोग किया जा रहा है। फाइल फोटोइस मामले में जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से जिले में अपने स्तर से मोबाइल मेडिकल टीम भी बनाया जा सकता था, लेकिन नहीं बनाया गया। यह टीम हर पीएचसी में जाकर सप्ताह में एक या दो दिन आपरेशन करती है। इस पूरे प्रकरण में जिला समिति की गतिविधि पर सवाल उठ रहा है। सिविल सर्जन डा. यूसी शर्मा ने कहा कि जिला स्वास्थ्य समिति के कार्यक्रम प्रबंधक से पूरे प्रकरण पर रिपोर्ट मांगी गई है। एक सप्ताह के बाद समीक्षा होगी और उसके बाद दो’षियों पर का’र्रवाई होगी।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इसे गं’भीरता से लिया। मामले की जांच में यह बात सामने आई कि फिलहाल जिले में नौ पीएचसी में आउटसोर्सिंग से बंध्याकरण आपरेशन का कार्य चल रहा है। इसमें औराई, गायघाट, कटरा, मुरौल, सकरा, पारू, साहेबगंज, मीनापुर व बंदरा शामिल है। यहां पर ऑपरेशन के लिए पांच एजेंसी को निबंधित किया गया है। यह पांच निजी एजेंसी चिकित्सक टीम भेजकर वहां नियमित बं’ध्याकरण करा रही है।

जानकारी के अनुसार हर माह तीन से चार सौ के बीच आपरेशन हुए हैं। प्रति आपरेशन करीब 2300 रुपये आउटसोर्सिंग एजेंसी को भुगतान किया जा रही है। मामला सामने आने के बाद सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए अपने स्तर से पहल करने को कहा गया है।

परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल पदाधिकारी अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डा. एसपी सिंह ने बताया कि पिछले एक साल से जिला स्वास्थ्य समिति परिवार नियोजन कार्यक्रम की समीक्षा के लिए पत्राचार कर रहे है, लेकिन उनके पास इससे संबंधित कोई फाइल नहीं आती है।

हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में लाखों की गोलमाल के मामले की जांच चल रही है। इस बीच आउटसोर्सिंग से बंध्याकरण आपरेशन कराने का सामने आया है। इससे सरकारी खजाने से लाखों का चूना लग रहा है। औराई पीएचसी का मामला सामने आने के बाद सिविल सर्जन ने तत्काल वहां के सीएचसी प्रभारी, प्रबंधक, सामुदायिक उत्प्रेरक का वेतन बंद करते हुए जवाब तलब किया है।

सिविल सर्जन ने बताया कि औराई पीएचसी से डा. रेखा कुमारी कार्यालय काम से आई थी। जब उनसे पूछताछ किया उसके बाद यह मामला सामने आया। जानकारी के अनुसार हर साल औराई में करीब 300 से 350 आपरेशन होने का अनुमान है। इसके हिसाब से करीब सात लाख की राशि आउटसोर्सिंग पर खर्च हो रही है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक से सभी पीएचसी का ब्योरा तलब किया गया है।

सिविल सर्जन डा.यूसी शर्मा ने कहा कि महिला चिकित्सक के रहते आउटसोर्सिंग एजेंसी से काम लेना नियम संगत नहीं है। पूरे जिले में जांच होगी। एक सप्ताह के अंदर जिला कार्यक्रम प्रबंधक से रिपोर्ट तलब किया गया है। जांच के बाद इसके लिए जिला स्वास्थ्य समिति से लेकर सीएचसी स्तर तक जो जवाबदेह होंगे कार्रवाई होगी । जिलाधिकारी से लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति तक रिपोर्ट भेजी जाएगी।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading