मुजफ्फरपुर : शहर के पड़ाव पोखर लेन नंबर-3 स्थित अरुणादिज्य ट्रस्ट कार्यालय के सभागार में शुक्रवार को अरुणादिज्य ट्रस्ट व सांस्कृतिक फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में बज्जिका के महाकवि डॉ. अवधेश्वर अरुण के जन्मदिन के उपलक्ष्य पर बज्जिका दिवस सह महाकवि अवधेश्वर अरुण सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ.रामेश्वर प्रसाद ने कहा कि बज्जिका आज जिस गति से कार्यशील है, जल्द ही यह जन-जन के बीच यह अपना आधार स्थापित कर लेगी।
इस समारोह के मुख्य अतिथि व बज्जिकांचल विकास पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र राकेश ने क हा कि बज्जिकांचल का बड़ा क्षेत्र है। हर विद्या में लेखन हो रहा है। बज्जिका दिवस के अवसर पर महाकवि डॉ.अवधेश्वर अरुण का जन्मदिन मना रहे है। इसलिए भी कि वे बज्जिका रामायण के प्रणेता के साथ भाषाविद है।
डॉ.संजय पंकज ने कहा कि कई छात्रों की पीढ़ियों का निर्माण करने वाले डॉ.अवधेश्वर अरुण बज्जिका और हिंदी के बड़े लेखक हैं, उनके जन्मदिन को बज्जिका दिवस के रूप में मनाना गणतंत्र का स्मरण और सम्मान है।
उनकी सहजता और सादगी के हम सब कायल है। डॉ.विद्या चौधरी ने कहा कि बज्जिका केवल मातृभाषा नहीं हमारा सम्मान है। अखोरी चंद्रशेखर ने कहा कि दृढ़ राजनीतिक इच्छा शक्ति के अभाव के कारण इस भाषा को भी सम्मान मिलना चाहिए।
नेपाल से आए संजय साह मित्र ने कहा कि नेपाल के राजमार्ग से दक्षिण का पूरा भाग बज्जिका भाषा भाषियों का है। इस भाषा को बोलने वाले करोड़ों लोग है।
इस मौके पर भूतपूर्व विधायक केदार प्रसाद गुप्ता, संस्कार भारती उत्तर बिहार के अध्यक्ष संजीव शर्मा, शिव कुमार साह, किशन दयाल श्रीकृष्ण, जियालाल यादव, मनमोहन सिंह मनोहर, राकेश पटेल, कुंदन कुमार, गोपाल जी किशोर आदि व विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. संजय पंकज, संजीव शर्मा अपने विचार रखें।
आयोजन में बज्जिका में निरंतर लेखन के लिए समर्पित डॉ. विद्या चौधरी (पटना), अखोरी चन्द्रशेखर ( हाजीपुर) एवं संजय साह मित्र (नेपाल) को पुष्प गुच्छ, शाल, सम्मान पत्र, स्मृति चिन्ह और पुस्तकें देकर महाकवि अवधेश्वर अरुण सम्मान से विभूषित करते हुए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत डॉ. रणवीर कुमार राजन ने किया उन्होंने बताया कि इस परंपरा की शुरुआत कई दशक पूर्व में हुई थी। डॉ. यशवंत ने कहा कि महाकवि अवधेश्वर अरुण के अवदान को संरक्षित और प्रचारित करने के लिए यह ट्रस्ट संकल्पित है।
धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कुमार आदित्य ने कहा कि इस गौरवमय आयोजन में आकर आप लोगों ने बज्जिका के विस्तार के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर वीणा अरुण, कामिनी राजन, हंस कुमार, विवेक वैभव, नचीकेत नमन, विनय सिन्हा, संतोष यादव, रौशन, शिव चंद्र साह आदि विद्वान उपस्थित रहे।
