खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को 10 लाख तक की दी जा रही सब्सिडी, वोकल फार लोकल पर बल

मुजफ्फरपुर : जिला स्कूल परिसर में लगे उद्योग मेले में विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। इसके साथ रंगारंग कार्यक्रमों का मेला घूमने आए लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक धर्मेंद्र कुमार सिंह ने हमारा उत्पाद, हमारी पहचान का संकल्प दिलाया। वोकल फार लोकल पर बल दिया। आमलोगों से अपील की है कि अपने जिले के उत्पाद को जरूर खरीदें।

फूड प्रोसेसिंग से जुड़े उद्यम के लिए बैंक से ऋण हासिल किया जा सकता है। फोटो: जागरणउद्योग मेले में आयोजित कार्यशाला में महाप्रबंधक ने योजनाओं की जानकारी दी। बताया कि खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को 10 लाख तक की सब्सिडी दी जा रही है। युवाओं को नए उद्यम स्थापित करने तथा पुराने उद्यमियों को अपने उद्यम का विस्तार करने के लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रही है। युवा इनसे लाभ उठाकर खुद का रोजगार करने के साथ दूसरे को भी रोजगार दिला रहे हैं।

फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में उद्यम स्थापित करने की चाहत रखने वालों के लिए प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना है। इसके तहत व्यक्तिगत श्रेणी में परियोजना लागत का 35 प्रतिशत (अधिकतम 10 लाख) तक सहायता ले सकते हैं।

लीची, आम, दूसरे फल और सब्जियों की प्रोसेसिंग करने वाले उद्यमी इस योजना के तहत बैंकों से ऋण और विभाग से सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं। किसी प्रकार की सहायता की यदि आवश्यकता हो तो उद्यमी सीधे जिला उद्योग केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।

उद्योग मेला में लोकल उत्पाद को देखने के लिए दिनभर लोग आते रहे। समस्तीपुर से आए अफरोज आलम ने बताया कि वह जीविका समूह से 25 हजार की राशि लेकर कृत्रिम गहने बनाते हैं। राशि लौटाने के बाद अब 40 से 50 हजार हर माह कमा रहे हैं।

12 लोगों को रोजगार दिए हैं। मेले में परंपरागत हंसुली, गोंड़ाई, मांगटीका व अन्य गहना लेकर आए हैं। ये बहुत पंसद किए जा रहे हैं। अरविंद कुमार ने बताया कि लाकडाउन के समय वह मुंबई से आए। यहां आने पर प्रधानमंत्री रोजगार योजना से राशि ली। छह माह से आठ आदमी को रोजगार दे रहे तथा खुद की 10 से 15 हजार आमदनी हो रही।

रेडलाइट एरिया में संचालित जोहरा समूह की शमीमा खातून, इंदू देवी, सबीना खातून, जयनब व परचम की सचिव नसीमा ने बताया कि कपड़ा दुकान से बचा कपड़ा खरीदकर लाते हैं। उससे रेडीमेड कपड़ा तैयार करते हैं।

उसको खूब पंसद किया जा रहा है। मेला में आई बालूघाट की शोभा कुमारी ने बताया कि आर्टिफिशियल गहना खरीदे हैं। ब्रह्मपुरा की रमेश कुामर, रजनीरंजन ने कहा कि मेला में आकर कई योजना के बारे में जानकारी ली है।

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