स्मार्ट सिटी मिशन के तहत मोतीझील में नाला निर्माण के दौरान जलापूर्ति पाइप लाइन क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। इस कारण जलापूर्ति बाधित होने से वार्ड 24 के पुरानी धर्मशाला कंपाउंड, हमदर्द गली समेत आधा दर्जन मुहल्लों के सैकड़ों घरों में पेयजल संकट हो गया है। लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। दूसरी ओर इस लापरवाही के कारण पीने का पानी बर्बाद हो रहा है। इस पानी से मोतीझील में सड़क पर जलजमाव हो गया है।
जलसंकट की यह स्थिति बार-बार हो जा रही है। पूर्व पार्षद त्रिभुवन राय ने कहा कि मोतीझील में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत लिली कंस्ट्रक्शन नाला निर्माण का काम कर रही है। जेसीबी से नाला की खोदाई के दौरान वह पूर्व में भी तीन से चार बार जलापूर्ति पाइपलाइन को क्षतिग्रस्त किया जा चुका है। इसके कारण हर बार लोगों को परेशान होना पड़ता है। एक बार फिर पाइपलाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। इससे हजारों लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि निगम प्रशासन को इसकी जानकारी निगम प्रशासन को दे दी गई है।
अनमने तरीके से काम करती निर्माण एजेंसीशहर में स्मार्ट सिटी का काम कर रही एजेंसी अनमने तरीके से काम कर रही। जलापूर्ति और सीवरेज लाइन पाइप बिछाने के लिए सड़क को बीच से खोद दिया जा रहा है। लोगों को परेशानी नहीं हो इसके लिए सड़क की ढलाई तत्काल कर देनी है, मगर कई-कई दिनों तक सड़क को ऐसे ही छोड़ दिया जा रहा है। ढलाई की भी जा रही तो इसकी मोटाई कम रहती। इससे सड़क की मजबूती कम हो जा रही।
छोटी सरैयागंज में सड़क पर जमा गंदा पानी, कारोबार चौपट
दीपावली और छठ जैसे पर्व के समय में भी शहर में गंदगी फैली हुई है। छोटी सरैयागंज में सड़क पर गंदा पानी जम गया है। इधर से पैदल यात्री का जाना मुश्किल हो गया है। जबकि यहां से होकर ही सूतापट्टी या टावर की ओर लोग जाते हैं। इसके अलावा गंदे पानी से निकल रही बदबू से आसपास के दुकानदारों को भी परेशानी हो रही है। यहां कई खाने-पीने की दुकान हैं। बदबू के कारण ग्राहक नहीं आ रहे। सरैयागंज के एक दुकानदार भगवान लाल महतो की माने तो जलजमाव के कारण शहर की ओर से ग्राहक नहीं आ पा रहे। साफ-सफाई सामग्री वाली दुकानें भी इस क्षेत्र में हैं। निगम प्रशासन को इसपर ध्यान देना चाहिए।




