सावधान! दिवाली पर आपकी मिठाई मिलावटी तो नहीं, असली-न’कली की करें पहचान

दिवाली के त्योहार पर मुंह मीठा कराने की परंपरा है. बिहार के बेगूसराय में बाजार में मिठाई की दुकानें सज-धज कर तैयार हैं. बाजार में रंग-बिरंगी से लेकर महंगी और सस्ती सभी प्रकार की मिठाइयां हैं, लेकिन सस्ते दामों वाली मिठाई लोगों की सेहत को खराब करती है. सरकारी आंकड़ों की बात करें तो बेगूसराय जिले में वर्ष 2022 में मिलावटी मिठाई बनाने वाले सात कारोबारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. जबकि 2021 में आठ मामले दर्ज किए गए थे जिसमें से तीन को सजा मिली.

मिठाई बनाने वाली तीन दुकानों पर छापा, प्लास्टिक के ड्रम में भरे 77 कुंतल  तैयार रसगुल्ले मिले, मिलावट की आशंका | Chief Minister Udasta Raid; 77  Quintals Adulterated ...बेगूसराय के चेरिया बरियारपुर बाजार में पिछले 22 साल से मिठाई की दुकान चला रहे नीरज कुमार ने बताया कि जो मिठाई ज्यादा सफेद दिखती है, वो मिलावटी होती है. क्योंकि मावा ज्यादा सफेद नहीं होता हैं. मिठाई को हाथ में लेकर देखें, अगर रंग लगता है, तो उसे खरीदने से बचें. साथ ही उसकी गंध भी चेक करें. इसके अलावा, मिठाई को खरीदते समय यह भी देखें कि कहीं उसमें कोई फंगस तो नहीं लग रही है. मिठाई को तोड़कर चेक करें कि कहीं उसमें से तार जैसा तो नहीं निकल रहा है. यह सब बातें मिठाई खराब होने के लक्षण हैं. साथ ही दुकान में मिठाई के ऊपर अगर मिठाई रखी हुई है तो समझें कि वो मिलावटी है.

क्यों होती है मिठाइयों में मिलावट

मिठाई कारोबारियों की मानें तो दूध महंगा होने से मिठाई बनाने पर खर्च ज्यादा आता है. ऐसे में मिठाइयों की कीमत कम कर के बेचने के लिए हलवाई उसमें मिलावट करते हैं ताकि ज्यादा मात्रा में बिक्री हो और मुनाफा हो सके. ऐसे में असली और नकली मिठाई का फर्क नहीं पता चलता है. पनीर बनाने के लिए अक्सर सिंथेटिक दूध का इस्तेमाल की बातें सुनी जाती है. सिंथेटिक दूध में यूरिया कास्टिक सोडा डिटर्जेंट आदि का इस्तेमाल होता है.

जिला प्रशासन का मिलावटी दूध मिलने से इनकार

जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग देख रहे अधिकारी विरेंद्र कुमार ने बताया कि अब तक किए गए जांच में सिंथेटिक दूध बनाने या इस्तेमाल करने की बात सामने नहीं आई है. एक महीने से जांच अभियान चलाया जा रहा है. अधिकतर दुकानदारों से सरसों तेल, रिफाइंड तेल, बेसन, मैदा के साथ-साथ कुछ प्रसिद्ध व अन्य मिठाई दुकानों की मिठाइयों की जांच के लिए सैंपल लैब भेज दी गई है. सभी दुकानदारों को जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं. जिन सामग्री को जांच के लिए भेजा गया है, रिपोर्ट आने के बाद ही असली और नकली का पता चल पायेगा. ग्राहकों को मिठाई खरीदते समय सतर्क रहने की जरूरत है.

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