गोपालगंज: लोक आस्था के महापर्व यानी छठ पूजा की शुरूआत शुक्रवार से हो रही है. नहाय खाय के साथ ही आज से इस महापर्व का आगाग हो रहा है. महापर्व को लेकर गोपालगंज का चनावे जेल भी भक्ति में सराबोर है. जेल में सुबह-शाम छठी मईया की गीत गूंज रही है. जेल में बंद इंसान मजहबी दीवार तोड़कर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल भी कायम कर रहे हैं.
गोपालगंज जेल में कई मुस्लिम कैदी भी छठ मना रहे हैं, जो खुद व्रत नहीं रख रहें. वो अन्य कैदियों की छठ करने में मदद कर रहे हैं. जेल प्रशासन भी छठ पर्व करने वालों के लिए पूजन सामग्री उपलब्ध करा रहा है. व्रतियों की पूजा के लिए जेल के अंदर की छठ घाट बनाये गये हैं और अर्घ्य देने के लिए तालाब के साथ ही सिरसोता का निर्माण कराया गया है.

34 बंदी कर रहे हैं छठ पूजा
गोपालगंज जेल में 34 बंदी छठ पूजा कर रहे हैं. इनमें 26 महिला छठ व्रती हैं और आठ पुरुष. शुक्रवार को सभी नहाय-खाय के साथ छठ की शुरुआत करेंगे. छठ व्रतियों को नहाय- खाय के लिए लौकी, कपड़ा, दूध, नारियल, सुप, फल, आदि पूजन सामग्री जेल प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराया गया है.
रंग-बिरंगी लाइटों से सजी जेल
छठ महापर्व को लेकर जेल प्रशासन की ओर से घाट और जेल परिसर को रंग-बिरंगी लाइटों से सजायी गयी है. सीनियर डिप्टी कलक्टर सह प्रभारी जेल अधीक्षक राहुल सिन्हा ने बताया कि छठ महापर्व में व्रतियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है. उन्होंने बताया कि छठ महापर्व में प्रसाद से लेकर पूजा सामग्री तक जेल प्रशासन मुहैया करा रहा है.




