पूर्णिया. छठ पर्व पर धर्म-जाति का कोई भेदभाव नहीं रहता है, इसलिए इसे महापर्व कहा जाता है. इस दौरान सभी सच्चे मन से अपनी सहभागिता निभाते हैं. पूर्णिया में ऐसा मुस्लिम परिवार है जिसकी कई पीढ़ी छठ व्रतियों की सेवा निःस्वार्थ भाव से कर रही हैं. इस वजह से गंगा जमुनी तहजीब कायम है. दरअसल यह मुस्लिम परिवार लगातार 13 वर्षों से लोक आस्था के छठ महापर्व के मौके पर 5 दिनों तक गंगा स्नान कराने के लिए सभी छठ व्रतियों को मुफ्त बस सेवा उपलब्ध कराता आ रहा है. इसके साथ ही व्रतियों के बीच साड़ियों का वितरण किया जाता है.
मोहम्मद अली अहमद खान ने बताया कि उनके पूर्वजों के द्वारा हर वर्ष छठ व्रतियों के लिए विशेष इंतजाम किया जाता था. पूर्वजों के गुजरने के बाद हम लगातार 13 वर्षों से लोक आस्था का छठ महापर्व के मौके पर 5 दिनों तक गंगा स्नान कराने के लिए सभी छठ व्रतियों को मुफ्त बस की सुविधा दे रहे हैं. यह बसें हमारे स्कूल की है. साथ ही बताया कि छठ व्रतियों के बीच साड़ियों का भी वितरण किया जाता है. मोहम्मद अली खान ने कहाकि गंगा जमुनी तहजीब को कायम रखना ही हमारी इंसानियत है. हमारे पूर्वजों को देखकर हमारे पिता ने किया, तो मैंने अपने पिता को देख कर सेवा करनी शुरू की है. मेरे जाने के बाद मेरे बच्चे भी इस परंपरा को जरूर निभाएंगे. मुझे छठ व्रतियों की सेवा करना बहुत अच्छा लगता है.

मनिहारी, कोढा गोला व भागलपुर तक कराया जाता है गंगा स्नान
वहीं, छठ व्रतियों ने बताया कि मोहम्मद अली अहमद खान के द्वारा हर वर्ष लोक आस्था छठ महापर्व के मौके पर मनिहारी, कोढा गोला और भागलपुर गंगा नदी स्नान करने के लिए मुफ्त बस की सुविधा दी जाती है. इसके अलावा वह छठ व्रतियों के बीच साड़ियों का भी वितरण करते हैं. छठ व्रतियों के मुताबिक, यह बेहद नेक काम है और इससे सबको खुशी मिलती है.




