पटना : कार्तिक मास सनातन धर्मावलंबियों के लिए सबसे पवित्र मास माना जाता है। आठ नवंबर मंगलवार को कार्तिक पूर्णिमा के दिन देव दीपावली का पर्व मनाया जाएगा। वहीं, इस दिन वर्ष का दूसरा तथा अंतिम चंद्र ग्रहण लगेगा।

कार्तिक पूर्णिमा यानी देव दीपावली के दिन दीपों का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। वहीं, इस दिन गंगा स्नान करने का भी विधान है। इस दिन गरीब ब्राह्मणों को अन्न, धन, वस्त्र आदि दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।

पूर्णिमा को गंगा स्नान, जप-तप, पूजन, कीर्तन एवं दान पुण्य करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। कार्तिक माह भगवान कार्तिकेय द्वारा की गई साधना का माह माना जाता है। संपूर्ण सद्गुणों की प्राप्ति, शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए कार्तिकेय की पूजा अर्चना की जाती है।

ज्योतिषियों के अनुसार वर्ष का आखिरी चंद्र ग्रहण वृश्चिक, मकर, मिथुन, सिंह और कुंभ के लिए शुभ फल देने वाला है। मेष, कर्क, तुला, मीन राशि वालों के लिए ग्रहण का फल शुभ नहीं रहेगा।

वृष, कन्या और धनु राशि के जातकों पर इसका मध्यम असर पड़ेगा। ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव कम करने के लिए सूतक काल और ग्रहण के समय ईश्वर का भजन करना चाहिए।



