शहर का प्रदूषण ग्राफ दूसरे दिन भी रेड जोन में रहा। सबसे ज्यादा खतरनाक हाल जिला स्कूल के आसपास इलाके का बना है। जिला स्कूल का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) 301 पर रहा। पीएम 2.5 की मात्रा अधिकतम 363 तथा न्यूनतम 344 पर रही। पीएम 10 की मात्रा अधिकतम 202 तथा न्यूनतम 183 पर रही। एमआइटी इलाका येलो जोन में रहा। यहां का एक्यूआइ 184 पर पहुंचा। समाहरणालय इलाके का एक्यूआइ औरेंज जोन यानी 276 पर रहा।
प्रदूषण का ये है मानक
प्रदूषण नियंत्रण विभाग एक्यूआइ को जीरो से 500 तक मापता है। जीरो से 50 एक्यूआइ तक हवा अच्छी मानी जाती है। सेहत के नजरिए से ग्रीन जोन में माना जाता है। 51 से 100 के बीच येलो जोन आता है। एक्यूआइ 150 होने पर औरेंज जोन कहा जाता है। इसका अर्थ है कि हवा बुजुर्गों व बीमारों के लिए ठीक नहीं है। एक्यूआइ 151 से 200 के बीच रेड जोन में आता है। जब एक्यूआइ 201 से 300 के बीच हो तो सेहत के लिए खतरा बढ़ जाता है। इसके 301 के पार जाने पर इसे सेहत की दृष्टि से हेल्थ इमरजेंसी की श्रेणी में माना जाता है।
प्रदूषण से बचाव को यह सुझाव
- -वाहनों की नियमित प्रदूषण जांच कराते रहें।
- -शहर में अनियंत्रित यातायात नहीं हो, इसका पूरा ख्याल रखें, जाम में वाहनों को बंद कर दें
- – घर से निकलने वाले कचरे को खुले में इधर-उधर नहीं जलाएं।
- – धुआं देने वाले पुराने वाहनों के परिचालन पर रोक।


