बगहा : ठकराहा प्रखंड की जगीरहा पंचायत के भेड़िहारी टोला में मां द्वारा बच्चा बेचने के मामले की गुत्थी लगभग सुलझ गई है। शराबी पति से छुटकारा पाने के लिए प्रसूता ने अस्पताल में नवजात को जन्म देते के बाद कुबेरस्थान निवासी एक व्यक्ति से बेच दिया था। प्रसूता और उसकी मां ने बच्चे के जन्म से पूर्व उसका सौदा 40 हजार रुपये में किया था। इसके बदले उसे 25 हजार रुपये पहले ही मिल चुके थे। बच्चा तो बरामद हो गया है, लेकिन पुलिस इस मामले में कुछ और ही कहानी गढ़ रही है। पुलिस का कहना है कि गरीबी से परेशान मां ने बच्चे के पालन पोषण के लिए किसी और को सौंप दिया था।
नवजात को बरामद किया
बता दें कि मुखिया विनोद यादव की सूचना पर पुलिस ने मामले की जांच की। इसके बाद नवजात बरामद किया गया। इससे पूर्व पुलिस ने नवजात की नानी शोभा देवी, आशा संगीता देवी को पूछताछ के लिए थाने ले गई थी। वहीं मधुबनी के घघवा निवासी विपिन पटेल को भी पुलिस ने ठकराहां से हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद ही बच्चा कुबेरस्थान के तरकुलवा में बिक्री करने की बात का पता चला।
मुखिया ने बच्चे को बेचने की पुष्टि की है। मामले में पुलिस द्वारा सीएचसी का सीसीटीवी फुटेज भी खंगाला गया। इसमें नवजात की मां वंदना देवी, नानी शोभा देवी व आशा संगीता देवी को एंबुलेंस में बैठकर जाते देखा गया है। बता दें कि भेड़िहारीटोला के मोतीलाल भेड़ीहार की पुत्री वंदना कुमारी प्रसव पीड़ा होने पर गुरुवार की भोर में 3.10 बजे अस्पताल भर्ती हुई थी। सुबह 6.28 बजे उसने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। जांच के बाद डॉक्टरों ने सुबह नौ बजे उसे डिस्चार्ज कर दिया। उसे एंबुलेंस से घर भेज दिया। हालांकि जब वह घर पहुंची तो नवजात उसके पास नहीं था।

अन्य खरीदार पहुंचने से मामले का खुलासा
बच्चे की बिक्री होने के बाद एक अन्य खरीदार भी अस्पताल में पहुंच गई। अस्पताल मे बच्चा नहीं मिला तो वह नवजात के नानी के घर भेड़ीहारी टोला पहुंची जहां उसकी नानी शोभा देवी ने बताया कि बच्चा पैदा होते ही उसके पिता अपने संग घर लेकर चले गए। जबकि घर पहुंचने के दौरान शोभा ने ग्रामीणों से कहा था कि बच्चा पैदा होते ही मर गया। शोभा के लगातार बयान बदलने से ग्रामीणों को शक हुआ और बात मुखिया के कानों तक पहुंची। मुखिया ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जानकारी स्थानीय थाने को दी। पुलिस करवाई करते हुए बच्चे को बरामद कर उसकी मां को सौप दिया है। ठकरहा के थानाध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि नवजात की मां ने स्वेच्छा से बच्चे को परवरिश के लिए किसी को सौंपा था। उसने फोन करने पर पुनः उसकी मां को लौटा दिया।

