मुजफ्फरपुर : जिले में श’राब का धं’धा खूब हो रहा है। नेपाल से सटे पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मधुबनी और सीतामढ़ी में अक्सर शराब के साथ धं’धेबाज प’कड़े जाते हैं। कई बार पुलिस से उनकी मु’ठभेड़ भी हुई है।
सीतामढ़ी के मेजरगंज में 24 फरवरी, 2021 को शराब तस्कर व पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई थी। इसमें मेजरगंज थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर दिनेश राम बलिदान हो गए थे।
चौकीदार लाल बाबू गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। पुलिस की ओर से गोलीबारी में एक तस्कर मारा गया था। पुलिस ने चार तस्करों को गिरफ्तार किया था।
समस्तीपुर हलई ओपी क्षेत्र के इंद्रवाड़ा चौर में 27 नवंबर, 2017 को पुलिस व धंधेबाजों के बीच मुठभेड़ में बीएमपी जवान अनिल सिंह की गोली लगने से मौत हो गई थी।
13 सितंबर, 2021 को मुजफ्फरपुर के बरुराज थाना क्षेत्र के नरवारा चौर में भी शराब धंधेबाजों के साथ पुलिस की भिड़ंत हो गई थी। इसमें कथैया थानाध्यक्ष बाल-बाल बच गए थे।
एक शराब धंधेबाज को गोली लगी थी। 10 धंधेबाज पकड़े गए। तीन हजार लीटर शराब, तीन पिकअप वैन, एक कार, दो स्कार्पियो व चार बाइक जब्त की गई थी। सात दिसंबर, 2021 को कटरा के यजुआर गांव में भी मुठभेड़ में शराब धंधेबाज सावन ठाकुर घायल हो गया था।
पश्चिम चंपारण में चार जुलाई, 2018 को साठी के बसंतपुर में छापेमारी करने गई उत्पाद विभाग पर फायरिंग की गई थी, गोलीबारी में सन्नी कुमार नामक धंधेबाज की मौत हो गई थी।
एक जुलाई 2022 को मझौलिया के करमवा में शराब की सूचना पर छापेमारी करने गई पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया था, इसमें चार पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। अगस्त, 2022 को मधुबनी के लदनियां थाना क्षेत्र में शराब तस्करों ने सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के दो जवानों को स्कार्पियो से रौंद दिया था, जिसमें हेड कांस्टेबल देवराज की मौत हो गई।
