पूर्णिया.बिहार के बिठैली गांव के बीएसएफ जवान कमलेश्वरी टुडू राजस्थान के जैसलमेर में सड़क दुर्घटना में शहीद हो गए थे. गांव में बीएसएफ जवान की सम्मानपूर्वक शव यात्रा निकाली गई. इस दौरान, बीएसएफ के जवानों ने ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर शहीद कमलेश्वरी टुडू को राजकीय अंतिम विदाई दी. बीएसएफ शहीद जवान ने कई बार राजस्थान के जैसलमेर में अपनी वीरता का लोहा मनवाया था.
शहीद जवान कमलेश्वरी टुडू के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर गांव बिठैली लाया गया. शहीद जवान की शव यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए. इस दौरान भारत माता की जय और शहीद कमलेश्वरी टुडू अमर रहे के नारे से दसों दिशाएं गूंज उठीं. बिठौली गांव में शहीद कमलेश्वरी टुडू को हजारों लोगों ने अंतिम श्रृद्धांजलि दी. वहीं, दिवरा धानी के मुखिया ने चंदन ठाकुर ने कहां कि शाहिद कमलेश्वरी टुडू ने अपने देश के लिए बलिदान दिया है. बीएसफ जवान के सब इंस्पेक्टर अमृत कुमार के नेतृत्व में फ्यूनरल परेड टीम के द्वारा उन्हें अंतिम सलामी और श्रृद्धांजलि दी गई.
शहीद के परिजनों ने बताया कि वह पिछले 11 सालों से बीएसएफ में राजस्थान में तैनात थे. जैसलमेर के सड़क दुर्घटना में वह शहीद हो गए. बता दें, अपने पद पर रहते शहीद कमलेश्वरी टुडू ने कई बार आतंकियों को अपनी गोली का शिकार बनाया था. जैसे ही सड़क दुर्घटना में उनके शहीद होने की खबर मिली गांव और परिजनों में शोक की लहर फैल गई.
उनकी शहादत से हर व्यक्ति गौरवान्वित है. उनके धरती के लाल ने अपने देश के लिए शहादत दी है . शहीद की अंतिम विदाई भी राजकीय सम्मान के साथ दी गई. आदिवासी रीति रिवाज के साथ शहीद कमलेश्वरी टूडू के पुत्र ने उन्हें मुखाग्नि दी. शहीद कमलेश्वरी टूडू के दो बेटे, पत्नी, माता पिता और भाई है.



