गोपालगंज.खाड़ी देश ओमान में गोपालगंज और सीवान के चार युवक फंसे हैं. बताया जा रहा है कि नौकरी का झांसा दिलाकर एजेंट ओमान लेकर गया था. ओमान में युवकों को कोई भी नौकरी नहीं मिली. भूख-प्यास से तड़प रहे युवकों ने वतन वापसी की गुहार लगाई है. गोपालगंज के डीएम को परिजनों ने आवेदन देकर युवकों को स्वदेश बुलाने की मांग की है.
महम्मदपुर थाने के देवकुली गांव के रहनेवाले जितेंद्र सिंह ने डीएम से गुहार लगाते हुए कहा कि सीवान के पलक आईटीआई कार्यालय के मुन्ना तिवारी ने 27 जुलाई को 2022 को गजेंद्र सिंह समेत चार युवकों को ओमान फ्लाइट से भेज दिया था. ओमान जाने के बाद इन युवकों को कोई भी नौकरी नहीं मिली. एक कमरे में इन युवकों को रखा गया है, जहां समय पर खाने के लिए भोजन और पीने के लिए पानी तक नहीं मिलता.
उन्होंने बताया कि देवकुली गांव के गजेंद्र सिंह के साथ सीवान के नबीगंज थाने के बरवा डुमरिया गांव निवासी बीरेंद्र यादव के पुत्र ललन यादव, सीवान के ही लखनौरा गांव के रहनेवाले मो. नैमुद्दिन का पुत्र खुर्शीद आलम और वसीम अकरम भी फंसे हुए हैं. ओमान में इन युवकों की हालात कैसी है, तस्वीर और वीडियो भेजकर गुहार लगा रहे हैं. परिजनों ने विदेश मंत्रालय से पहल कर ओमान में फंसे युवकों को स्वदेश बुलाने की गुहार लगाई है.




